वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय by Prashanth B in Hindi Novels
अध्याय 1: स्वर्णिम प्रभात मलनाड की सुबह हमेशा खास होती है। जब कोहरे की चादर को चीरकर सूर्य की पहली किरणें धरती पर आती है...
वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय by Prashanth B in Hindi Novels
किरण की पलकें धीरे-धीरे खुलीं। शुरुआत में सब कुछ धुंधला और अस्पष्ट था। फिर धीरे-धीरे अर्जुन का चिंतित चेहरा साफ दिखाई दे...
वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय by Prashanth B in Hindi Novels
स्कूल की घंटी बजी। अर्जुन और किरण स्कूल के बाहर आइसक्रीम की दुकान के पास खड़े थे। शांतप्पा की दुकान—जो मलनाड में अपनी मश...
वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय by Prashanth B in Hindi Novels
विक्रम के कमरे में केवल दीपक की रोशनी जल रही थी। मेज पर ताड़पत्र की वह किताब फैली हुई थी। बगल में उसकी नोटबुक, पेंसिल, औ...