लाल पत्थर का राज by Anil singh in Hindi Novels
वह अजीब निशान और सुबह का हंगामाप्रस्तावना: वह खूनी रात (सपना)अंधेरा... सिर्फ घना अंधेरा और चारों तरफ खून की गंध।यह एक वि...
लाल पत्थर का राज by Anil singh in Hindi Novels
बाहर काव्या अपनी स्कूटी के पास खड़ी होकर बार-बार हॉर्न की कर्कश आवाज़ निकाल रही थी। उसकी आवाज़ में साफ़ धमकी थी जब उसने चिल्...