पुरानी हवेली का राज by smita in Hindi Novels
रात इतनी गहरी थी कि चाँद की रौशनी भी शायद डर के छिप रही थी। बारिश की बूंदें पत्थरों पर जोर से गिर रही थीं, और हर तरफ सिर...
पुरानी हवेली का राज by smita in Hindi Novels
आरव भागता हुआ अपने कमरे तक पहुँचा। उसकी रूह में एक अजीब-सी ठंडक उतर गई थी। कुछ देर तक वह अपने कमरे में यूँ ही चुपचाप बैठ...