ज़िंदगी की खोज by Neha kariyaal in Hindi Novels
कुछ क्षण के लिए ऐसा प्रतीत हुआ जैसे वक्त ने खुद को रोक लिया हो। पेड़ से गिरती ओस की बूंद भी जैसे हवा में झूलने लगी। तभी...
ज़िंदगी की खोज by Neha kariyaal in Hindi Novels
तारा का जवाब देना उसे अपना अपमान लग रहा था। बिना बात के ही उन दोनों में तू तू मैं मैं शुरू हो गई।जतिन बोला… हम अच्छा कमा...