Blue light - 4 in Hindi Detective stories by Sapna Badh books and stories PDF | नीली रोशनी - 4

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नीली रोशनी - 4

जब राजन ने कहा विदेशी युवतीयों के दाढ़ी और मूंछें वाले युवक बहुत पसंद आते हैं इतनी जल्दी तो आप दाढ़ी और मूंछें बढ़ा तो सकते, इसलिए नकली दाढ़ी और मूंछें लगानी पड़ेगी लगा लूंगा लेकिन कोई घपला या गड़बड़ तो नहीं।कहे की गड़बड़ सीधी सी बात है।

तो बात पक्की ?

हां।

तभी शम्भू ट्रे उठाए अंदर प्रविष्ट हुआ और उसने बीच मेज पर ट्रे रखता हुआ बोला मुबारक हो मियां जी ?

रिश्ता पक्का हो गया है मियां जी। मैं सबकुछ सुन रहा था।

बेगम साहिबा भी बहुत खुबसूरत हैं।कहे देता हूं एक गर्म पोशाक और पांच सौ रुपए बख्शीश लूंगा।

पोशाक भी आए फाए और बिमल सुटिंग का होना चाहिए।

सबकुछ मिलेगा, लेकिन इस वक्त यहां से फूट ले।

जूती हूं आपकी मियां जी,आपका हुक्म सर आंखों पर।

शम्भू वहा से फूट लिया राजन ने कॉफी दो घूंट भरे, फिर बोला उस लडकी का नाम रोजी है,अगर उससे शादी करनी है तो तुम्हें पृथ्वीराज चौहान बनना पड़ेगा।

क्या मतलब ?

जिस प्रकार पृथ्वीराज चौहान ने संयोगिता का अपहरण किया था उसी प्रकार आपको भी रोजी का अपहरण करना होगा।

यानी कि तुम मुझे जेल भिजवाओगे ?

जेल जाए आपके दुश्मन ! जब तक राजन और राणा है तब तक कोई माई का लाल आपका कुछ नहीं बिगड़ सकता लेकिन मुझे तो साला इसमें कोई घपला वपला नजर आ रहा है।

दरअसल बात यह है कि भाई साहब। उस रोजी ने निश्चय किया है कि वह उसी युवक से शादी करेगी जो सरेआम उसका अपहरण करके उसे अपने घर ले जाएगा। इस तरह वह बहादुरी की परिक्षा लेना चाहती है।

बहादुर तो अपन बहुत हैं, लेकिन डर लगता है,उसके भाई बंधु आ ग‌ए तो जूते पड़ सकते हैं।

मैं और राणा आपके साथ होगे,आप किसी प्रकार की चिंता ना करें।

लेकिन मुझे अपहरण किस प्रकार करना होगा ?

राजन उसे स्कीम बताने लगा।

राणा के सिर पर पट्टी बंधी हुई थी। और वह किसी चिंता में मग्न था जब राजन अंदर प्रविष्ट हुआ राणा ने नजर उठाकर उसकी ओर देखा।

काम हो गया ? राजन उसके सामने सोफे पर बैठता हुआ बोला, नफीस भाई मैंने तैयार कर लिया है।

यह तुमने अच्छा किया।

अपन हर काम अच्छा ही करता है, लेकिन तुम इस कदर किस सोच में पड़े हुए हो ?

कल रात खजाने में डाका पड़ा था, सिर्फ राजकुमारी का लाकेट गायब है।

तो वह काम फिंगही का होगा ।

लुटेरे होते तो पूरा खजाना लुटते, लेकिन एक फिंगही ही जिसे सिर्फ लाकेट चाहिए था।

यानि कि अब वह खजाने तक पहुंचने की कोशिश करेगा ?

हां !

वहीं मरने दो उसे। हमें खजाने से क्या लेना-देना ?

तुम मुर्ख हो!

वह किस खुशी में ?

वह लाकेट देश का है,उस देश से वायदा किया गया था कि लाकेट सुरक्षित वहां पहुंचा दिया जाएगा।

लेकिन लाकेट अब फिंगही के पास है। अगर वायदे के अनुसार लाकेट ना लौटाया तो हमारे देश भारत की बदमानी होगी ।

तब तो बहुत बुरा हुआ ।

हमें हर हाल में वह लाकेट फिंगही से वापस प्राप्त करना है।

लेकिन खजाने पर तो कड़ा पहरा है वहां फिंगही आसानी से कैसे पहुंच गया ?

उन्होंने अग्नि व बारूदी बमों का प्रयोग किया था।

कुछ पहरेदार मारे भी गए।

ओह ऐसे फिंगही जैसे ‌क‌ई लोगों से वास्ता पड़ता ही रहता है तो हमें सोच समझकर हर कदम उठाना होगा।

हेल्पर भी उसके साथ है ?

हां।

उस होटल में अधिकतर विदेशी लोग ही आते थे।

क्रमशः ✍️