वाणी और कबीर लिफ़्ट से निकलकरसीधे 12th-floor boardroom की तरफ चलते हैं।
काँच की दीवारों वाले उस कॉन्फ़्रेंस हॉल मेंपहले से ही कई लोग मौजूद हैं।
टेबल के हेड पर Vinay Damani,उनके दाईं तरफ Vansh,वंश पहले दमानी से मिलने आ गया थाऔर बाईं ओर…
अगस्त्य सिंहानियाब्लैक फॉर्मल, तीखी जबड़े की लाइन,और आँखों में वही ठंडा, अहंकारी सन्नाटा—जो किसी को भी घुटनों पर ला दे।Kabir, Vaani के सामने झुककर बैठता है।उसके चेहरे पर एक ही बात साफ थी—शॉक + गुस्सा + बेचैनी।
Kabir:“Tu yahin baith. Meeting khatam hoti hi ghar chalte hain.Aur… jab tak main aaun, kuch kha le. Thodi si hi sahi.”
Vaani हल्की सी गर्दन हिलाकर मना कर देती है।“Bhook… khatam ho gayi meri.”उसकी आवाज़ बहुत धीमी थी—जैसे वो खुद को टूटने से रोक रही हो।
Kabir उसके जवाब से और बेचैन हो गया।
वो उसके सिर पर हाथ फेरता है…फिर धीरे से उसका हाथ अपने हाथों में लेता है।
Kabir (soft, protective):“Dhyaan rakh, Vaani…Main hoon na. Sab theek ho jayega.”
Vaani हल्का सा मुस्कुराती है,लेकिन ये मुस्कान सिर्फ Kabir को तसल्ली देने वाली थी…उसमें खुद के लिए कुछ भी नहीं था।
Kabir उसकी आँखें एक बार फिर देखता है—red, heavy… almost shattered.
वह धीरे से उठकर कहता है—“Main abhi aata hoon.”
कॉरिडोर ठंडा था…कुर्सियाँ साफ-सुथरी…लेकिन Vaani के अंदर सब बिखरा था।
वो खाली नज़र से सामने देखती है।मन में बस एक ही बात—“Meri pehli kamai ki scooty… aise kaise chali gayi…”
एक invisible आँसू उसकी पलकों तक आया…पर गिरा नहीं।
वो नहीं रो सकती थी।रोएगी तो टूट जाएगी।
Kabir अंदर जा चुका था।Boardroom का दरवाज़ा बंद होते ही कॉरिडोर में एकदम सन्नाटा सा हो गया।
Boardroom का माहौल already tense था।लंबी टेबल, सामने प्रोजेक्टर, और दोनों कंपनियों के बड़े लोग बैठे हुए।
दरवाज़ा खुलता है—Kabir Awasthi अंदर आता है।
Black formal suit, confident walk,और चेहरे पर वही natural arrogance वाली calm smile।
Vinay Damani उसे देखते ही उठ जाते हैं।
Vinay Damani (गर्व से):
“Gentlemen,meet Kabir Awasthi —one of the best lawyers in my firm.Sharp. Strategic. And the youngest we have.”
Kabir हल्का सा सिर झुकाकर सबको greet करता है,पर आँखें सीधे Agastya की तरफ उठती हैं।
Agastya भी उसे उसी blank expression से देखता है।दोनों की vibe—silent power clash.
Meeting शुरू होती है।
दोनों पक्ष अपने-अपने points रखते हैं।Agastya कम बोलता है…पर जब बोलता है, शब्द सीधे दिल पर चोट करते हैं।
Kabir बहुत composed,highly professional,कहीं भी किसी को बोलने का बेवजह मौका नहीं देता।
कई बार Vansh कुछ बोलने की कोशिश करता,Kabir facts के साथ उसे shut कर देता।
Vinay Damani हर बार impressed नज़र आते हैं।
लगभग 40 मिनट बाद,Vinay Damani अपनी फाइल बंद करते हैं।
Vinay Damani:
“Mr. Singhania…Hum log final decision par aa gaye hain.”
कमरा शांत।
Vinay (smiling):
“Damani Group ready haiSinghania IndustriesKa official legal advisor bnne ke liye.”
Vansh खुश होकर immediate handshake देता है।
Agastya सिर्फ सिर झुकाकर accept करता है—no reaction…no smile…just his classic blank aura.
Vinay Damani—फिर Kabir की तरफ देखते हैं
“Good job, Kabir.Your arguments were solid.”
Kabir बस हल्की सी confident मुस्कान देता है।Agastya एक second उसे observe करता है—उसमें कुछ तो है…पर क्या?
Vinay Damani (हल्की मुस्कान, लेकिन ताना लिए हुए):
“Mr. Singhania…वैसे तो मैं आज ये meeting cancel ही करने वाला था।”
कमरा एकदम शांत।
Vansh हल्का सा घबरा जाता है—Agastya बिल्कुल stone-faced।
Vinay आगे झुककर बोलते हैं—
Vinay:
“लेकिन…Thanks to my new intern.”
Agastya की आँखें बस एक सेकंड को पलक बदलती हैं—किस intern की बात हो रही है?उसे अंदाज़ा नहीं।
Vinay:
“उसी ने मुझे समझायाकि आपकी कंपनी के साथ deal को आगे बढ़ाना चाहिए।वरना…”वह हल्का सा हँसते हैं—“Aapne toh koi kasar नहीं छोड़ी थी पहले impression बिगाड़ने में.”
Vansh table आगे खिसका कर तुरंत बोल पड़ता है—
Vansh (तेजी से):
“Thank you, Mr. Damani!Aur…Apki new intern ko bhi thank you—itna smart decision lene ke liye.”
Vinay सिर हिलाकर मुस्कुराते हैं।Agastya फिर भी blank…उसके चेहरे पर न irritation, न interest—जैसे उसे किसी intern के बारे में जानने की ज़रूरत ही नहीं।Boardroom का दरवाज़ा खुलता है।Agastya सबसे पहले निकलता है।उसके पीछे Vansh और बाकी लोग।
जैसे ही Agastya बाहर कदम रखता है—उसकी नज़र सामने बैठी Vaani पर पड़ती है।
वो एक पल को रुक जाता है।चेहरा blank…लेकिन आँखों में हल्की सी पहचान—ये वही है… phone तोड़ने वाली लड़की… और वही… जिसकी scooty…
Vaani उसे देख ही नहीं रही थी।वो अब भी नीचे जमीन को घूर रही थी…अपनी टूटी scooty की तरह खुद को बिखरा हुआ महसूस करते हुए।
Agastya ने हौले से आँखें सिकोड़कर उसे देखा—जैसे फटाफट स्कैन कर रहा हो।
एक second…दो seconds…
उसके चेहरे पर guilt नहीं, गुस्सा नहीं… बस एक अजीब सी curiosity थी।
Vansh फुसफुसाया,“Bro? You okay?”
Agastya धीमे से बोला,“Hmm.”
फिर उसने नज़र हटाकर आगे बढ़ना चाहा…
लेकिन तभी—
Kabir बाहर आता है
जैसे ही Kabir दरवाज़े से बाहर निकला,उसे सबसे पहले Vaani दिखती है।
और दूसरे ही सेकंड उसकी आँखें Agastya से टकराती हैं
Kabir सीधा Vaani की तरफ भागता है।
“Vaani! Tu royi तो नहीं?”वो उसके सामने बैठकर उसकी ठुड्डी ऊपर उठाता है।
Agastya दूर खड़ा ये सब देख रहा था…Silently…उसकी आँखें हल्का सा सख्त हो जाती हैं।
Kabir आगे कहता है,“Chal, ghar chalte hain. Vaani बस धीरे से सिर हिलाती है।
Kabir उसके कंधे पर हाथ रखकर खड़ा होता है—आँखें अब Agastya पर टिक चुकी थीं।
Agastya भी अब उसे ही देख रहा था—अभी भी बिना expression के…
अगस्त्य की आँखें सिर्फ वाणी पर टिकी रहती हैं,जैसे उसे पहचानने की कोशिश कर रही हों…या शायद वो पहचानना नहीं चाहता।
अगस्त्य एक सेकंड को कुछ नहीं बोलता।चेहरा सख़्त, शरीर तना हुआ।
Vaani ने ये टेक्निकली नोटिस नहीं किया…वो अपने ही गम में खोई थी।
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