Miss fighter plane - 2 in Hindi Love Stories by antima books and stories PDF | मिस फाइटर प्लेन - 2

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मिस फाइटर प्लेन - 2

आरव के लुक को देख कर हर लड़की आरव को अपने सपनों का राजकुमार बनाना चाहती है लेकिन इस 27 साल के नौजवान को लड़कियों में कोई दिलचस्पी नहीं है आरव है ही इतना हैंडसम लेकिन.... दिक्कत इस बात की है कि 

आरव ने अपनी इमेज लोगो के सामने बहुत भयानक बना रखी है लोगो को आरव सिंह के नाम से पसीने छूटने लग जाते है.......

आरव ने लोगों के दिलों में अपनी पहचान घमंडी, गुसेल, बुझ दिल इंसान की छाप छोड़ रखी है...... हालांकि बचपन से आरव ऐसा नहीं है वह ओर उसका दिल ही जनता है वह इतना कठोर कैसे बना 

बदलते हालातों ने आरव को अकेला रहना, पैसा ही सब कुछ और प्यार पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगा दिया 

आरव ने अपने दम पर बिजनेस खड़ा किया। अपने बिजनेस को इतनी ऊंचाइयों पर लेकर गया आज देश की टॉप कंपनिया इसके साथ काम करना चाहती है आरव की काम के प्रति लगन ने ही आज उसको बिजनेस वर्ड का बेताश बादशाह बना दिया 

आरव के पिता वीरेंद्र सिंह जिन्हें लालची इंसान कहे तो अच्छा होगा 

वीरेंद्र सिंह ने पैसो के लालच में आकर आरव की मां अनीता जी को तलाक दे दिया और किसी अमीर महिला से शादी कर ली ताकि अपना बिजनेस बचा सके ......

अनिता जी तलाक का सदमा सहन नहीं कर पाई और बीमार रहने लगी एक दिन ऐसा भी आया अनीता जी इस दुनिया को छोड़ कर चली गई। आरव अपनी मां की मौत का जिम्मेदार वीरेंद्र सिंह को मानता है।            अनिता जी के जाने के बाद आरव का पालन पोषण उसकी दादी दुर्गावती जी की देख रेख में हुआ ।            10 साल के छोटे आरव को मां का प्यार और पिता का सानिध्य नहीं मिला।          इसी वजह से आज आरव इतना कठोर दिल बन गया 

आरव अगर इस दुनिया में प्यार करता है तो सिर्फ अपनी दादी और अपने काम से।

दुर्गावती जी के कहने पर आरव वीरेन्द्र जी के साथ ही रहता है क्योंकि दुर्गावती जी का मानना है परिवार ही सबसे बड़ी इंसान की ताकत है, परिवार में रहने से खुशियां बढ़ती है।                                                   आरव दुर्गावती जी का बहुत सम्मान करता है इसलिए उनकी बात को नहीं टाल से सका लेकिन आरव वीरेन्द्र जी से कभी भी बात नहीं करता दोनों के बिजनेस अलग अलग है या हम कह सकते है कि दोनों के बीच 36 का आंकड़ा है।                                                 इनके अलावा सिंह परिवार में वीरेंद्र सिंह जी की धर्मपत्नी सुलोचना जी ओर उनका बेटा रितिक साथ रहते 

सुलोचना जी को अमीर घर की बिगड़ी चालबाज औरत कहे तो शायद बुरा नहीं होगा जो हमेशा अपनी चालाकियों से पूरे घर को अपने वश में करना चाहती है जिनका ज्यादातर टाइम किटी पार्टी, शॉपिंग, में ही लगा रहता है सुलोचना जी वीरेंद्र सिंह को अपने हाथों की कठपुतली बना कर रखती है 

वहीं उनका बेटा रितिक अमीर बाप की बिगड़ैल ओलाद जो हमेशा आवारागर्दी करने में, पार्टी, क्लब, लड़कीबाजी दुनिया के सारे गंदे कामों में लगा रहता है रितिक को अपने पापा के पेसो पर बहुत घमंड है इसकी उम्र 24 साल है गोरा रंग, 6 फिट की हाइट, गहरी भूरी आंखे, तीखी नाक कमाल का ड्रेसिंग सेंस दिखने में हीरो लेकिन काम सारे विलन के करता । कॉलेज में पूरे दिन आवारागर्दी करना लड़कियां छेड़ना, रैगिंग, स्टूडेंट को परेशान करना कुल मिलाकर एक शब्द कहे तो एक नंबर का लफंगा इंसान ।                  मां की गलत परवरिश और पिता के पैसे ने रितिक को पूरी तरह बिगड़ दिया।