Chashmish - 1 in Hindi Love Stories by Miss Secret books and stories PDF | चश्मिश - एक नई दुनिया की शुरुआत - 1

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चश्मिश - एक नई दुनिया की शुरुआत - 1

शिजा एक शर्मीली, समझदार और चश्मा पहनने वाली लड़की थी। उसका चश्मा उसके लिए सिर्फ एक साधारण चीज नहीं था, बल्कि एक छुपा हुआ डर भी था। हर बार जब वह अपने दोस्तों के साथ कॉलेज में बैठती, वह अपनी आँखों को थोड़ा छुपाकर, अपने चश्मे को बार-बार ठीक करती रहती थी।
कॉलेज बहुत बड़ा था और यहाँ के छात्र काफी आत्मविश्वासी और फैशनेबल थे। शिजा को उस दुनिया में खुद को ढालना हमेशा मुश्किल लगता था। लेकिन उसके लिए सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण चीज़ थी — उसकी पढ़ाई।
शिजा का दिमाग उसके लिए एक सुरक्षित जगह था। हर दिन उसका समय लाइब्रेरी और स्टडी हॉल में बीतता, जहाँ वह अपने असाइनमेंट, एग्जाम और रिसर्च पर पूरी तरह ध्यान देती थी।
आयान उससे बिल्कुल अलग था। वह कॉलेज का एक लोकप्रिय लड़का था, जो न सिर्फ अपनी खूबसूरती, बल्कि अपने आत्मविश्वास और दोस्ताना स्वभाव के लिए भी जाना जाता था। उसकी हर चाल में आत्मविश्वास था और वह अपनी ज़िंदगी को पूरी तरह जीता था।
आयान के लिए ज़िंदगी सिर्फ एक उत्साह थी। वह नए लोगों से मिलता और दोस्तों के साथ समय बिताता। लेकिन जब उसकी नज़र शिजा पर पड़ती, उसकी दुनिया जैसे रुक जाती थी।
शिजा की चुप्पी, उसकी सोचने की आदत और उसके चश्मे के पीछे छुपी गहरी समझ, आयान को बहुत आकर्षित करती थी।
एक दिन, जब आयान लाइब्रेरी में अपने असाइनमेंट कर रहा था, तब पहली बार उसकी नज़र शिजा पर पड़ी। शिजा एक टेबल पर बैठकर अपने काम में इतनी डूबी हुई थी कि उसे आसपास की दुनिया का कोई ध्यान नहीं था।
आयान ने देखा कि वह अपनी आँखों में एक अजीब सी गहराई लिए कुछ लिख रही थी। उसके चश्मे के पीछे उसकी आँखों में एक ऐसी रोशनी थी, जो आयान को अपनी ओर खींच रही थी।
“यह लड़की कितनी अलग है,” आयान ने अपने मन में सोचा। अब तक जो लड़कियाँ उसके आसपास थीं, वे सभी काफी आत्मविश्वासी थीं। लेकिन शिजा में कुछ ऐसा था, जो उसे अपने ही विचारों में खोया हुआ महसूस कराता था।
शिजा को भी आयान की मौजूदगी का एहसास हुआ। जब आयान ने उसे सामान्य रूप से “हैलो” कहा, तो उसके चेहरे पर हल्की सी शर्म झलक आई।
ऐसे अचानक पल शिजा को थोड़ा असहज कर देते थे, और वह बस अपना ध्यान अपने काम पर रखने की कोशिश करती थी। लेकिन आयान की सादगी और उसका अपनापन कुछ अलग था। उसका “हैलो” सिर्फ एक अभिवादन नहीं था, बल्कि एक निमंत्रण था, एक अपनापन था, जिसे शिजा ने महसूस किया।
“धीरे-धीरे, क्या मैं इससे बात करूँ?” शिजा ने अपने मन में सोचा। “लेकिन क्या यह सही है?”
वह अपनी पढ़ाई में बहुत व्यस्त थी और निजी जीवन से दूरी बनाए रखती थी। लेकिन आयान की मौजूदगी ने उसकी पूरी ज़िंदगी को थोड़ा बदलना शुरू कर दिया था।
हर दिन आयान अपना कुछ समय शिजा के आसपास बिताने की कोशिश करता। कभी वह लाइब्रेरी के पास उसे देख लेता, कभी उसके पास जाकर बात करने की कोशिश करता।
जब भी शिजा की आँखें आयान से मिलतीं, उसका दिल तेज़ी से धड़कने लगता। आयान का चेहरा, उसकी मुस्कान और उसका व्यवहार उसे अच्छा लगता था, लेकिन वह अपने मन में उलझी रहती थी।
क्या आयान सच में उसमें दिलचस्पी रखता है या वह सिर्फ दोस्ती की वजह से उससे बात कर रहा है? यह बात शिजा के लिए समझना मुश्किल हो रहा था।
आयान को हर दिन शिजा की मुस्कान और उसकी आँखों के पीछे छुपी समझ कुछ नया सिखाती थी। उसे लगता था कि शिजा की सोच बहुत खास है।
जब भी उनकी छोटी-सी बातचीत होती, आयान का दिल और तेज़ धड़कने लगता था।
“मुझे नहीं लगता कि यह सिर्फ एक सामान्य बातचीत है,” आयान ने अपने मन में सोचा। “शिजा मेरे लिए कुछ खास है। मैं उसे बेहतर तरीके से जानना चाहता हूँ।”
जब आयान ने फिर से शिजा से मिलने की कोशिश की, तो वह थोड़ी झिझक गई।
“क्या मैं उसे अपने दिल की बात बता सकती हूँ?” उसने सोचा। “या फिर यह बस एक बेकार विचार है?”
एक दिन, जब आयान ने शिजा से बात करने की कोशिश की, तो शिजा थोड़ा खुद को सहज करते हुए उससे बात करने लगी। आयान का एक सरल सवाल और प्यारी मुस्कान उसे अपने आप से जुड़ने के लिए मजबूर कर देते हैं।
आयान और शिजा के बीच एक अनकही सी केमिस्ट्री थी, जो धीरे-धीरे बढ़ रही थी। आयान हर दिन अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एक नया तरीका ढूंढ रहा था।
शिजा भी आयान के साथ अपने विचार साझा करना चाहती थी, लेकिन वह अपनी सीमाओं को समझती थी।
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