Row Agent - 1 - 26 in Hindi Detective stories by bhagwat singh naruka books and stories PDF | रॉ एजेंट सीजन 1 - 26

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रॉ एजेंट सीजन 1 - 26


पाक,,,, जगह,, करांची 

नूर जहां प्लेस में जश्न की तैयारी हो चुकी थी , पूरे इलाके में खुशियों का माहौल था , नूर जहां प्लेस में गाड़ियों का आना जाना सुबह से ही शुरू हो गया था ,,। 
आज पाकिस्थान के बड़े बड़े नेता,मंत्री,सेनानायक,isi संगठन और अन्य लोग इसका हिस्सा बनने को तैयार है , ये जश्न एक यादगार होने जा रहा था , सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम थे जैसे मानो सारी पाक की फौज यहां लगा दी गई हो । 
आज सारे गीदड़ यही मिलने वाले है , अब्बू कासिम किसी शाही दूल्हे की तरह सज धज कर रेड्डी था । 
सारे नूर जहां प्लेस को अच्छे से सजा दिया गया था , चप्पे चप्पे पर हथियार लिए उनके आदमी तैयार थे , हर आने जाने वाले पर पूरी नज़र रखी जा रही थी । 
उधर अजय सिंह नूर जहां का ड्राइवर बन कर उसके आने का इंतज़ार कर रहा था , आज सबसे पहले अब्बू कासिम का काफिला पूरे इलाके में एक चक्कर लगाएगा उसके बाद बाकी की रस्में अदा की जायेगी,, । 
अजय सिंह की नजर हर आने जाने वाले पर थी , आज अजय सिंह का नया अवतार ही था ,लंबा कुर्ता और सर पर गोल टोपी उसके ऊपर गोलकार एक पगड़ी,और , हल्की दाढ़ी और मूंछ बिल्कुल साफ़, 
यानी पाकिस्तानी कल्चर में पूरा फिट हो गया । 


अजय सिंह किसी से बात करते हुए हलकी आवाज में ,, तुम रेड्डी हो ना,, अजय सिंह इधर उधर देखते हुए । 


विजय ढोभाल ___ हा,, बस इंतजार है तेरे एक इशारे का ,, वैसे अभी तू है कहा नजर नहीं आ रहा मेरे टारगेट में । 

अजय सिंह ____ इंतजार कर रहा हू,, नूर जहां का ,,। 

विजय ढोभाल ____ भाई साहब ये इश्क फरमाने का समय नही है , अपने शिकार का इंतजार करो ,,। 

(अजय सिंह को विजय खींचता हुआ ) 

अजय सिंह ____ वही तो कर रहा हु ,,और तू तू ये बता मुझे क्यों टारगेट पर लेना चाहता है , जो जगह बताई है वहा पर फोकस कर और अपना भी खयाल रख , फालतू की बाते कम और काम ज्यादा। 

विजय ढोभाल ____ सॉरी यार , मजे ले रहा था , टाइम पास नही हो रहा इस लिए ,,, सुन एक काम कर ,एक बार टारगेट पर आ ना प्लीज ,। 

अजय सिंह ____(हल्के से ) नूर जहां आ रही है , मुझे निकलना है और हा जैसे ही रैली निकलेगी, सब प्लेस से बाहर चले जायेंगे, तेरा काम है जो फ़ोटो तुझे भेज है उन में देखता रहना की कोन कोन है जो गेट से बाहर निकले है उन में से जो कोई भी तुझे दिखे ,मुझे रिपोर्ट करना , बाकी मैं संभाल लूंगा,,। 

विजय ढोभाल ___ ok,, लेकिन ये बता कितना समय लगेगा वापिस आने में ,, 

अजय सिंह ____(अचानक उसे कोई नजर आया ) वेट वेट,, पहला टारगेट मिल चुका , मेरे सामने है , शायदा वो इधर ही आ रहा है । 

दोनो अचानक शांत हो जाते है ,वो आदमी चल कर अजय सिंह के पास आता है और अजय सिंह के सामने आकर रुकता है , थोड़ी देर शांत रहता है और ,,,, भाई जान ये बाजुखाना किधर है बता सकते है । 


विजय ढोभाल बाते सुन रहा था ,, उसकी बाते सुन कर बोला ,,,,, ले जा शिकार चल कर शिकारी के पास आया है ,। 


अजय सिंह ___ चलिए आपको मैं पहुंचा देता हु ,,, 

कुछ मिनट बाद अजय सिंह उसको नूर जहां प्लेस के उस हिस्से में ले जाता है जहां कोई आता जाता नही, । 
अजय सिंह आगे आगे वो पिछे पिछे, अजय सिंह फोन पर देखता है ,ये वही आतंकी है जिसने पठानकोट हमले की साजिश रची थी ,,। 

आतंकी ____भाई जान यहां बाजुखान तो कहीं दिख नही रहा ,,। 

अजय सिंह ___अभी दिख जायेगा, थोडा आगे और , (अजय सिंह हल्के से कोड बोलता है ) 

विजय ढोभाल ____ ओके टारगेट सेट है ,, अब उसको बोल यही कर ले जो करना ,, 

अजय सिंह ___जनाब यही कर ले जो आपको करना है ,,ये एमरजेंसी के लिए बनाए गए है अंदर सुरक्षा के कड़े इंतजाम है ,। 

आतंकी ____जी 

जैसे ही वो हाथ धोने लगता है पीछे गोली आती है वो आतंकी वही गिर जाता है । 

अजय सिंह ____good शॉट,, अब इसको इसकी सही जगह पहुंचाने का काम भी कर दे , मुझे जाना और हा इतने हल्के हल्के करे की लोगो को रात में पता भी नही चले की किसका गोश खा रहे है । 

विजय डोभाल ____ समझो हो गया ,, आज की पार्टी में स्पेशल गोस दिया जाएगा ,। अब जल्दी पहुंच वो आ गई तो सो सवाल जवाब करेगी,, 

कुछ समय बाद अब्बू कासिम की रैली प्लेस से निकल चुकी थीं, आगे आगे हथियार लिया कुछ आतंकी और कुछ सेना के जवान,और बीच में अब्बू कासिम और उसका चाचा जान उसके पिछे अजय सिंह नूर जहां को लेकर चल रहा था । पिछे पिछे लोगो का काफिला जो अपनी अपनी गाड़ियों पर सवार थे, हथियारो का मेला लगा हुआ था ,अजीब अजीब तरह की गन और अजीब अजीब तरह के लोग,, मानो कुछ तो महिने से नहाए भी नही होगे ,। 

सही मायनो में ये दानव रहे होगे, इस लिए कलयुग में फिर से इनको इंसान के रूप में भेजा, बुरे काम करने के लिए,। 
काफिला चलते हुए इत्मबुल शहर पहुंचा फिर वहा से एलिना कजान शहर फिर बलूच और आखिर में जो समय दिया गया उस समय पर वापिस नूर जहां प्लेस में दाखिल हुआ । और फिर जो होने वाला था ,,,, अजय सिंह को शायद इंतज़ार था उस पल का ,जब एक एक उसका टारगेट मारा जायेगा । 

अब्बू कासिम _____( अपनी गाड़ी पर चढ़ कर जोर से बोलता है )

आप सबने इतना साथ दिया और आपके साथ हमने लंबा सफर तय किया ,,तो आज की शाम मेरी होने वाली बेगम के नाम,, शराब का इंतजाम है और ताजा गोस भी, हर तरह के जानवर, जिसे जो अच्छे लगे खाओ,,और शराब के टैंकर है इंजॉय करो,, ये शाम यादगार होगी, इंशा अल्लाह। 

• सभी आतंकी और उनके आका कुछ ही मिनट में नशे में चूर हो गए , यही मौका था ,अजय सिंह ने अपनी चाल चली,, शराब के जाम और कुछ गोस प्लेट में रख कर हथियार बंद गार्ड और अन्य आतंकियों को देना शुरू कर दिया ,,। 

• अजय सिंह ___जनाब लीजिए, आप कब से ड्यूटी कर रहे हो ,, इसे तो थक जायेंगे आप । 

• इस तरह अजय सिंह सभी को जायदा से जायदा शराब पिलाने लगा ,, उधर अब्बू कासिम और उसकी मंगेतर स्टेज पर आ चुके थे ,,सभी का ध्यान स्टेज की तरफ चला जाता है , जिस पर बड़े बड़े आतंकी संगठन के लोग खड़े ,वो भी लोग थे जो अजय सिंह की हिट लिस्ट में शामिल थे । 

• अजय सिंह हल्के कदमों से चल कर स्टेज के पास पहुंच जाता है ,और विजय डोभाल को फिर से नया

कोड बोलता है ,, गोस हड्डी वाला,,, । 

• कुछ समय बाद अब्बू कासिम का चाचा स्टेज पर पहुंच जाता है और अन्य लोग भी बधाई देने के लिए आते है ,,, 

• विजय डोभाल _____ मेरा टारगेट सेट है अजय, निशाना साधा लिया बस तेरा इंतजार है ,। 

• अजय सिंह ____ठीक है जेसे ही मैं स्टेज पर पहुंच और पानी का गिलास अब्बू कासिम को दू तू फायर कर देना ,,लेकिन याद रहे , कंधे पर लगे ,,। 

वही हुआ जैसा बताया गया , गोली तो चली लेकिन गोली अब्बू कासिम छू कर निकल गई दुसरी गोली जब चली तो अजय सिंह ने अब्बू कासिम के चाचा को स्टेज से नीचे धक्का दे दिया और उसे बचा लिया । 
इतने में अफरा तफरी मच गई , गार्ड और अन्य सुरक्षा कर्मी अलर्ट हो गए और सारे इलाके को बंद करवा दिया । 
अब्बू कासिम _____जाओ और पता करो कोन है जिसने चाचा जान पर हमला किया है ,, और सभी आने जाने वाले रास्ते बंद किए जाए ,, मैन गेट को जल्दी बंद करवा दो ,, 

इतने में विजय डोभाल बाइक से हवा में उड़ता हुआ गेट की तरफ भाग निकला, उसको देख कर बाकी के अन्य आतंकी भाग चले ,, विजय डोभाल बाइक से बताए रास्ते से उसी जगह पहुंचे में सफल रहा ,। 
लेकिन पासा उल्टा हो गया आतंकी जायदा थे और ये चार पांच लोग ही थे , 

उधर घटना जहां हुई, वहा से अजय सिंह नूर जहां के अब्बू को संभाल कर अंदर ले जाता और तेजी से बाहर आता और जिस गाड़ी में नूर जहां सफर करती थीं उस गाड़ी को लेकर वो मैन गेट से तेजी में निकल जाता है । 
इधर विजय डोभाल और उनके साथ पूरी तरह फस चूके थे , हथियारों से लैस आतंकीयो ने विजय डोभाल और उनके साथियों को घुटने के बल बैठे को बोला ,,। 

आतंकी नसीर _____ चेहरे से अपना नकाब हटा जालिम और बाकि सब अपने हथियार नीचे डाल दो, वरना अभी अल्लाह को प्यारे हो जाओगे,,, बैठ जाओ,,

(चिल्लाते हुए कहता है । 
तभी पिछे से आवाज आती है ,,,,,

शाबाश,,मेरे अल्ला के बंदो आखिर तुमने इन दुश्मनों को पकड़ ही लिया ,, 
सभी पिछे मुड़ कर देखते है तो सभी आतंकी खुश हो जाते है ,,, 


आतंकी नसीर ____ जी जनाब,, यही वो लोग है जो हमारे मुल्क में आए दिन हमारे बाशिंदो को मार रहे है और आज हमारे मालिक बिलाल रसूलहा पर वॉर किया
है ,,
वो तो आप फरिसता बन कर सामने आ गए , वरण हम आज सब यतीम हो जाते,,। 

अजय सिंह _____ बस बस,, बंद करो ये सब ,मुझे पता है इनकी जन्म कुंडली,, तुम सब अपने अपने हथियार गाड़ियों में रख दो और सभी लाइन में खड़े हो जाओ ,। 
वहा सब खडे आतंकी एक दूसरे का मुंह देखने लगे ,,,

सोच क्या रहे हो ,, जाओं और हथियार नीचे रख दो या गाड़ियों में ,, मैं अकेला ही काफी हु,, अब्बू कासिम का सक्त आदेश है की इन से अकेला मैं ही बदला लू और अगर फिर भी इन में कुछ जान रह जाए तो अब्बू कासिम खुद देख लेंगे,, 


आतंकी नसीर ______(दूसरे आदमी से धीरे बोला) इसकी बात अगर नही मानी तो ये हो सके तो बिलाल भाई जान को बोल दे फिर अब्बू कासिम हमे कही का नही रहने देगा ,, 
सभी आतंकी एक एक करके लाइन में खड़े हो जाते है ,,, अजय सिंह आंख से इशारा करता है और विजय और उसके साथी, भाग कर सारे हथियारों पर कब्जा कर लेते है ,, ये सब देख सारे आतंकी घबरा जाते है 

आतंकी नसीर _____ जनाब ये तो,,,,, 

अजय सिंह ______चिल्ल,, दोस्त मैं बोला ना इनके लिए मैं ही अकेला काफी हु ,,,,, तो दोस्तों आपने आपने हथियार संभाल लिए तो इनकी खातिर की जाए ,,, 
विजय डोभाल ____सभी लोग अपने घुटनों के बल बैठ जाओ,,,

अजय सिंह की तरफ देखते हुए बोला

बहुत बहुत धन्यवाद जो समय पर हीरो वाली एंट्री मारी दोस्त ,, हम तो सोचे की खेल खत्म आज तो ,


वहा खडे सारे आतंकी एक दूसरे का मुंह देखने लगते है ,,, 
आतंकी नसीर _____ धोखा,, नामकुल तुम्हारी इतनी हिम्मत की तुम, हमारे साथ इतना बडा धोखा,किया ,, 


अजय सिंह ____(जोर से चिल्लाते हुए) शान्त कुत्ते,, भोकना बंद कर और जो बोला वो कर ,, वरना एक गोली से भेजा उड़ा दिया जाएगा ,,, । 


आतंकी नसीर ____ अब देखना, अब्बू कासिम को ये पता चलेगा तो तुम्हे जिन्दा दीवार में चुनवा देगा, या बीच बाजार में गले में बम लगा कर चिथड़े कर देगा,,

। 
अजय सिंह _____ बताएगा कोन उस गधे अब्बू कासिम को ,,, मेरी सच्चाई पगले 


दूसरा आतंकी ___हम बतायेगे उसे,, 


विजय डोभाल ____जिंदा रहो मेरी जान तब ना,,, किसी को कुछ बता सकोगे,,,, एक मिनट,, दोस्त


इसका चेहरा कही देखा देखा लग रहा है ,,,

जस्ट वेट,, 
(अपने फोन में चेक करता है )

यस मिल गया ,,, दोस्त ये आतंकी नसीर और वो तीसरा हमीद मोहमद बिलाल ये ही दोनो थे गुजरात और जयपुर के आतंकी हमले के असली मास्टर माइंड,, 


आतंकी नसीर ____ अच्छा तो तुम भारत के जासूस हो ,,, अब समझा, वरना यहां ऐसा कोई नही जो किसी की हिम्मत नही जो हमारे ही घर में घुस कर हम पर हमला करे ,, ,, मैं सारे रास्ते यही सोचता आ रहा था की हमारे होते हुए पाक की जमीन पर कोन सा आतंकी संगठन पैदा हुआ जिसके इतनी हिम्मत हुई ,, 


अजय सिंह _____ तो तुम मानते हो की , भारत के लोगो में दम तो जो तुम्हरे घर तुम्हरे मुल्क में घुस कर तुम्हें मार सकता है ,, हिम्मत है ये, जज्बा है हम ही नही जब बात भारत की सरजमी की हो या भारत की जनता की तो हर वर्दी पहने वाला और बच्चा बच्चा बिना भेद भाव और बिना जाति देखे एक दूसरे के साथ खड़ा मिलेगा,,। 


विजय डोभाल _____दोस्त ये सब छोड़ और तू निकल, वरना लेट हो जायेगा,और जायदा लेट हुआ तो शायद वो लोग यहां पहुंच जाए,,, इनको हम सब संभाल लेगे, ,, कमांडो इनको पकड़ो और हाथ पैर बांध दो,,,,,,,, 


अजय सिंह ______ शायद तुम ठीक बोल रहे हो ,,, ओके चलता हू,, अपना ख्याल रखना और इनकी खातिर में कमी ना रहे ,,,72 हूर इंतजार में इनके, जल्दी जन्नत के सफर पर भेज कर , तुम जल्दी टिकट लेकर प्लेस पहुंच जाना,,, 


तो नसीर उर्फ मोनू,, अल्ला हाफिज,, 72 हुरो को सलाम बोलना,, और बहुत जल्दी ही तेरे अब्बू कासिम गधे को भेजता हु,,और कोशिश करुंगा की सारी आतंकी मंडली को तेरे पास भेज देंगे। 
ओके दोस्तो,, मिलते है ,,,,कहते हुए अजय सिंह निकल जाता है ,,,,



Countinue__________रचना___


         Writer bhagwat Singh naruka