एक छोटा सा गांव जो पहाड़ों के बीच में है यह जगह अपने आप में शांति सिमटे हुए है यहां के लोग बहुत सरल वह सौम्य स्वभाव के है यहां सीमित संख्या में घर है अधिकांश लोग खेती पर निर्भर है।
इसी गांव में मेघा नाम की 21 वर्षीय लड़की रहती है जो बुद्धिमान और सुंदर है। मेघा ने इसी साल अपना ग्रेजुएशन खत्म किया है और आगे पढ़ने के लिए वह शहर जाना चाहती हैं लेकिन वह छोटे से किसान परिवार की बेटी है।इसी कारण उसके ममी- पापा उसका शहर का खर्चा उठाने में सक्षम नहीं थे। अपनी स्थिति को देखकर वह बहुत उदास हुई और उसने शहर जाने की वह आगे पढ़ने की जिद छोड़ दी
लेकिन मेघा अपने कॉलेज की सबसे होनहार लड़की थी इसी कारण इसे स्कॉलरशिप मिली जब उसे पता चला तो वह बहुत खुश हूंई और फिर से वह अपने शहर जाने के सपने देखने लगी । उसे कल सुबह की बस से शहर जाना है तो वह जल्दी-जल्दी अपना सामान पैक कर लेती है उसे खुशी के चलते रात को देर से नींद आई बहुत मुश्किल से वह सो पाई। सुबह हुई वह अपने सामान के साथ बस स्टॉप पर पहुंच गई उसे उसके ममी पापा छोड़ने आए यह मेघा के लिए बहुत चिंतित है क्योंकि मेघा पहली बार किसी बड़े शहर जा रही थी तभी बस आ गयी वह बस में बैठ गई और पूरे रास्ते वह सुंदर नजारे देखती गई जिसे उसने पहली बार देखा था।
वह दोपहर में शहर पहुंची और अपनी कॉलेज की दोस्त कविता को फोन किया जो पिछले 1 साल से यही रहती थी। कविता ने मेघा को अपना पता बताया।दिये पते पर वह पहुंच गई उसे देखकर कविता बहुत खुश होती है और वे दोनों बहुत सी बाते करते है तभी मेघा कहती है कि मैने यूनिवर्सिटी के डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन ले लिया है और मुझे यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रूम मिल गया है में वही रहूंगी।फिर कविता कहती है कि हम बहुत दिनों में मिले है इसलिए आज रात तुम मेरे साथ रुको।मेघा भी रुकने के तैयार हो जाती है।अब सुबह होते ही वह अपने यूनिवर्सिटी पहुंचती है अपना सामान ओस्टल में रखकर क्लास में पहुंचती है वहां उसकी एक सिम्मी नाम की दोस्त बनती है जो कि बाड़मे उसे पता चला कि वही उसकी रूम पार्टनर भी है ये दोनो क्लास के बाद साथ में हॉस्टल जाती है इसी बीच मेघा को अपने परिवार की बहुत याद आती है लेकिन उसके पास फोन नहीं था तब वह कविता के फोन से उन्हें फोन करके बात कर लेती है तभी वह कविता से पूछती है की कविता जैसा मुझे पता है कि तुम एक छोटे से किसान परिवार की बेटी हो तुम अपना पर्सनल फोन कैसे ले पाई तब कविता बताती है कि वह कॉलेज के बाद एक होटल में सफाई का काम करती जिससे वह अच्छा कमा लेती है कुछ खुद रखती है और थोड़ा घर भेज देती है। मेघा को भी लगा कि वह भी अगर ऐसा जॉब करे तो वह भी अपना खर्चा उठा पाएगी। जब तक मेघा कविता से पूछती उससे पहले ही कविता ने कहा कि यदि तुम्हें भी जॉब चाहिए तो में तुम्हें भी अपने होटल में जॉब दिला सकती हूं। ये सुनकर मेघा सहमत हो गई दूसरे दिन दूनो कॉलेज के बाद होटल गई मेघा को भी सफाई की जॉब मिल गई। अब मेघा कविता दोनों साथ- साथ क्लासेस के बाद होटल में सफाई का काम करती थी। ऐसे ही कुछ महीनेहो गए।
एक दिन जब वह दोनो होटल में अपना काम कर रही थी तभी उन्हें पता चला कि आज इस होटल के ऑनर यहां आ रहे है और इसलिए आज पूरा स्टाफ आया है और सभी बहुत एक्टिव है वे दोनों भी हमेशा की तरह काम कम पर लग गई कुछ समय बाद ऑनर आया लेकिन उसका स्वागत करने कोई नहीं पहुंचा क्योंकि उसे कोई पहचानता नहीं था और वह होटल के क्लब में चले गया। इसका नाम पूरब था ये एक महत्वाकांक्षी, गंभीर ओर मेहनती व्यक्ति था। मेघा की ड्यूटी क्लब में थी वह जब वहां पहुंची तो उसने देखा कि क्लब का टाइम ओवर होने के बाद भी वहां एक व्यक्ति बैठा था वह व्यक्ति पूरब था लेकिन मेघा ने उसे आज से पहले कभी नहीं देखा था उसे नहीं पता था जो ऑनर आने वाला था वह ये ही है वह तो पुरब को एक आम कस्टमर समझ रही थी।
मेघा ने पूरब से कहा कि सर क्लब का टाइम ओवर हो गया अब यहां सफाई करनी है तो कृपया आप यहां से जाइए कल आइएगा।पूरब मेघा की बातों को नजरअंदाज करता है ओर उससे कहता हैं कि जाओ एक गिलास ऑरेंज जूस लाओ। मेघा ने फिर कहा किsorry sir....
बार बंद हो गया है अभी यहां का मैनेजमेंट ओर स्टाफ जा चुका है प्लीज़ सर आप भी जाए मुझे मेरा काम करने दे तभी पूरब कहता है कि में इस होटल का ऑनर हूं मेरे लिय ये बार फिर से ओपन हो सकता है मेघा ने हंसते हुवे कहा कि कुछ भी में यहां नई हूं तो कुछ भी बोलोगे। होटल का ऑनर तो दिन में आया था अब तक तो वह अपने घर पर आराम कर रहा होगा उसके पास तो बड़ा सा घर है वह होटल में क्यूं रुकेगा आप कुछ भी मत बोलो
अब बहुत हो गया में सिक्योरिटी को बुलाकर लाती हूं वे ही तुम्हे यहां से ले जाएंगे। तभी पूरब कहता है कि अरे पागल औरत में ही ऑनर हूं अगर अपनी नौकरी बचानी है तो मैं जो कह रहा हूं वह कर लेकिन मेघा ने उस पर विश्वास नहीं किया वह सिक्योरिटी गार्ड्स को बुलाकर लाई और गार्ड्स से कहा कि ये आदमी miss behav कर रहा है। इसको बाहर लेकर जाओ gards ने भी पूरब को नहीं पहचाना और उसे बाहर निकाल दिया।
क्योंकि पूरब एक अरबपति व्यक्ति था जिसने अपने दम पर कई होटल , कम्पनीज बनाई। लेकिन ये ज्यादा लोगो से मिलता नहीं था इसलिए लोग इसका चेहरा नहीं पहचानते थे। इसी के चलते मेघा ने इसे होटल के बाहर करवा दिया।
- ये थी पहली मुलाकात...