🌈 कहानी: “रंग चुराने वाला बादल”🌈
एकबार की बात है, एक छोटा सा गाँव था—सतरंगीपुर
🌸इस गाँव की खास बात थी कि यहाँ हर चीज़ रंग-बिरंगी थी। पेड़ नीले, फूल सुनहरे, और आसमान कभी गुलाबी तो कभी बैंगनी हो जाता था।गाँव में एक प्यारी सी बच्ची रहती थी—गुड़िया।गुड़िया को रंगों से बहुत प्यार था। वो हर दिन अपने छोटे से बैग में रंग भरकर बाहर खेलने जाती थी।लेकिन एक दिन कुछ अजीब हुआ...सुबह जब गुड़िया उठी, तो उसने देखा—पूरा गाँव काला-सफेद हो गया था! 😲पेड़, फूल, घर… सब कुछ बेरंग!गुड़िया घबरा गई, “माँ! हमारे गाँव के रंग कहाँ चले गए?”माँ ने कहा, “शायद कोई रंग चुराने वाला बादल आया होगा…”गुड़िया ने ठान लिया—वो रंग वापस लाएगी
💪☁️ रंगों की तलाशगुड़िया अपने छोटे कदमों से जंगल की ओर चल पड़ी।रास्ते में उसे एक बूढ़ा तोता मिला 🦜तोते ने कहा, “अगर रंग चाहिए, तो तुम्हें आसमान के सबसे ऊँचे बादल तक जाना होगा।”गुड़िया डर गई, लेकिन फिर भी आगे बढ़ी।चलते-चलते वो एक ऊँचे पहाड़ पर पहुँची, जहाँ एक बड़ा सा काला बादल बैठा था
☁️🌧️ बादल का राजगुड़िया ने हिम्मत करके पूछा,“तुमने हमारे गाँव के रंग क्यों चुरा लिए?”बादल उदास होकर बोला,“क्योंकि… मेरे पास कोई रंग नहीं है। मैं हमेशा काला ही रहता हूँ… मुझे भी रंग चाहिए…” 😢गुड़िया को उस पर दया आ गई।उसने अपने बैग से थोड़ा-थोड़ा रंग निकाला और बादल को दे दिया 🌈✨ जादू हुआ!जैसे ही बादल को रंग मिले, वो चमकने लगा—वो अब काला नहीं, बल्कि इंद्रधनुषी बन गया! 🌈और फिर उसने खुशी-खुशी सारे रंग वापस गाँव में बरसा दिए
🌧️पूरा सतरंगीपुर फिर से रंगीन हो गया 🎉💖 सीखगुड़िया मुस्कुराई और बोली,“कभी-कभी जो चीज़ हमसे छिनती है, वो इसलिए होती है ताकि हम किसी और की मदद कर सकें।”उस दिन के बाद, वो बादल हर रोज़ गाँव के ऊपर आता और रंगों की बारिश करता 🌈
🌟 Moral:👉 खुशी बाँटने से ही बढ़ती है।
👉 दूसरों की मदद करने से दुनिया और भी खूबसूरत बनती है।
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ऐसे ही प्यारी प्यारी अतरंगी कहानी सुन ने के लिए बने रहिए piyu 7 soul के साथ ।
और हा दोस्तो कॉमेंट में जरूर बताएं कि आपको कैसी कहानियां पसंद है हम कोशिश करेगे उस तरह की कहानी भेजने कि और हा सभी मुझे अपने कॉमेंट के जरिए जरूर बताए कि मुझे ओर किस किस तरह की कहानियां बनानी चाहिए ताकि बच्चो को और अच्छी मोरल के साथ कहानियां मिले प्यारी प्यारी।
छोटा सा टूचकुका: मेरी मम्मी ने मुझे बोला की में दूध से माखन निकाल कर दु मैंने कई बरतन में दूध निकाला दूरबीन से देखा पर पता नहीं माखन कहा छिपा बैठा था मिला नहीं फिर मम्मी आई और मुझे बोला पियू माखन निकाला क्या फिर क्या में आगे मम्मी पीछे और झाड़ू? अरे मम्मी के हाथो में ओर मेरे पीठ पर 🥺🥺🥺
तब तक के लिए धन्यवाद, टेक केयर, और जय श्री कृष्णा। 🙏🙏🙏🙏नारायण आप सभी कि रक्षा करे और ढेर सारा प्यार ऑर शुभकामाएं दे ⛳⛳⛳। और जिस जिस को एग्जाम आ रही है उन सभी को उसके लिए सभी को all the best 👍☺️☺️☺️☺️
खुशी से सभी एग्जाम भी दे देना दोस्तो
आपकी प्यारी piyu 7 soul☺️☺️☺️☺️☺️