देट वूमेन [शॉर्ट स्टोरी]
एक स्त्री जिसकी शादी कुछ वर्षों पहले हुई। शादी से पहले वह स्कूल गई थी। होली का दिन था। एक लड़का लाल सिंदूर उसके माथे पर लगा देता है और भाग जाता है। परिवारवाले, उस लड़के को पकड़ने की कोशिश करते हैं, परंतु पकड़ नहीं पाते। ससुराल में, शादी को तीन साल हो चुके थे। पड़ोस में रहने वाला काटछ, उसके पति का अच्छा दोस्त था। वह उसके घर आता था। उस स्त्री से काटछ की बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे लगाव बढ़ने लगा। कभी-कभार टच भी करने लगे। गणेश पुजा का दिन था। काटछ पांव फैलाएं पलंग पर बैठा हुआ था। वह स्त्री, काटछ के पांव के ऊपर बैठी हुई थी। कुछ महीने बाद। पड़ोसी गांव में बातें फैला देते है। जिसके कारण काटछ और वह स्त्री संबंध बनाने में सफल नहीं हो पाते। काटछ शर्मिंदा होकर, बाहर चला जाता है, काम करने। पति को दोनों पर संदेह था। परंतु उसने देखा नहीं था। नया साल आ जाता है। होली समाप्त हो चुकी थी। रात के 7 या 8 बज रहे थे। वह स्त्री दरवाजा बंद करके, किसी के साथ विडियो कॉल पर बातचीत कर रही थी। कुछ दिनों बाद। पति दिन में काम करने जाता था। शाम के समय, वह स्त्री रोटी बनाकर, पलंग पर बैठकर टीवी देख रही होती है। लखीनि अपने दोस्त के साथ बातचीत करने आता था। रात के सात बज रहे थे। दरवाजा खुला था और खिड़कियां बंद थी। लखीनि कमरे के अंदर आ जाता है और पलंग में बैठ जाता है। लखीनि 20-25 मीनट तक उस स्त्री से बातचीत करता है। दूसरी शाम भी वह आता है और फिर से बातचीत होती है और टचस होते है। थोड़ा लगाव हो जाता है। पड़ोसी गांव में बातें फैला देते हैं। लखीनि और वह स्त्री संबंध नहीं बना पाते हैं। तीसरी शाम। वह स्त्री रोटियां बनाकर, पलंग पर बैठी टीवी देख रही थी। गांव में फैल रही बातों में आकर, मक्रवि कमरे में आकर पलंग पर बैठ जाता है और उस स्त्री से बातचीत करता है। पांच मीनट हुए थे कि उसके पिताजी गुस्से में मक्रवि को आवाज लगाते है और मक्रवि अपने घर चला जाता है। पड़ोसी गांव में बातें फैलाते हैं। पति को अपनी स्त्री पर संदेह होता है। परंतु उसने देखा नहीं था। कुछ दिनों बाद, पति गुस्से में आकर, अपनी स्त्री को छोड़ देता है। वह स्त्री अपने मायके चली जाती है। एक बात यह भी थी कि उस स्त्री ने पड़ोसियों की बातों में आकर या गलतफहमी में आकर, दुसरें लड़कों के साथ बातचीत की और टचस किए। परंतु वह अपने पति के अलावा, किसी ओर के साथ संबंध नहीं बनाई थी। वह अपने बॉयफ्रेंड को कॉल करती है, परंतु उसका बॉयफ्रेंड उसे कहता है, तुम अपनी पति की नहीं हुई तो मेरी क्या होगी। वह उसे बुरा भला कहकर, ब्लॉक कर देता है। वह स्त्री अपने मायके में उदास बैठी रहती, ठीक से खाना नहीं खाती। कुछ वर्ष बाद, वह बीमार पड़ गई। उसके मन को पछतावे और उदासी ने घर कर लिया था। उसके पति की दाढ़ी-मूंछ काफी बढ़ गई थी। वह अपने काम में डूबा रहता। जब पति को अपनी स्त्री के बारे में पता चला कि उसकी हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। तो वह उससे मिलने गया। कुछ वर्षों बाद दोनों गले मिले। दोनों के आंखों में आसूं झलक रहे थे।