kamvasna se prem tak - 7 in Hindi Drama by सीमा कपूर books and stories PDF | कामवासना से प्रेम तक - भाग - 7

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कामवासना से प्रेम तक - भाग - 7

बस कुछ ही दिन गुजरते है, कम्प्यूटर से एक दिन शेफाली को एक मैसेज आता है.

 " डिअर दोस्त मेरे पर एक ओफर है, क्या तुम इंट्रेस्ट हो"

शेफाली:-मै समझी नहीं आप कौन?

"तुम जानती हो"

शेफाली:- नहीं जानती आप को!

" पूजा नाम है मेरा तुम्हारे पति की दोस्त "

शेफाली :- मेरे पति की सब दोस्तों को जानती हूँ मैं,पर             आपको नही!

पूजा :- तुम कभी ऑनलाइए आती नहीं, लेकिन अब              आई हो!

शेफाली :-ओके!

पूजा :-मुझे मिलना है तुमसे बहुत जरूरी बात करनी है!

शेफाली :-मैं अजनबियों से नही मिलती!

पूजा :-नशे मे अजनबी के साथ सो सकती हो!

शेफाली :-क्या बकवास है!

पूजा:- तभी तो बोल रही हूँ मिलना है सब बता             दूंगी, तुम्हारे घर के पास जो होटल है वहा मिलो!

शेफाली :-पर मैं आपको पहचानूंगी कैसे!

पूजा :-तुम आओ तो सही!

"सुबह होते ही शेफाली पूजा से मिलने जाती है, वहा पुजा पहले से ही होती है, पूजा शेफाली से कहती है"

पूजा :-अजय की नौकरी लगी या नहीं!

शेफाली :-तुम इतना सब कैसे जानती हो, और कल तुमने कहा मैं नशे मे किसी के साथ सोई हूँ, ये सब क्या है, साफ साफ कहो!

पूजा :-गोल गोल बाते मुझे भी पसंद नही है, सच तो ये है तुमसे मे मिलना चाहती थी, तुम्हारा पति अजय मेरे साथ शारीरिक तौर से लम्बे समय से रिश्ते मे था, पर शादी तुमसे कर ली, मुझे पता भी नही चला,

इतनी ही नहीं वो जो घर इतने आराम से बेठा है ना, जो प्यार के झूठे दावे करता है उसने तुम्हे नशे मे अपने सर के साथ, सुलाया है!

शेफाली गुस्से मे

शेफाली :-क्या बकवास कर रही हो, अजय भला ये सब क्यो करेगा, उसने अपने बॉस के मुहँ पर नौकरी दे मारी, वो भी मेरे लिए!

पूजा :- मैं जानती थी तुम विश्वास नहीं करोगी पर यही सच है, तुम्हे याद है एक दिन तुम्हे बहुत चक्कर आ रहे थे, वह नशे के कारण थे, और रही बात नौकरी छोडने की वह सब दिखावा है, उसने अपने बॉस से एक रात और चुप्पी की कीमत ली है,    अभी मुकेश की पत्नी भी आ रही है, तम्हारे पति के बॉस की, तब तो यकीन करोगी!

'बॉस की पत्नी भी आ जाती है वह शेफाली को सब बताती है और ये भी बताती है की उसका पति अपने कारोबार कि तरक्की के लिए कैसे पत्नी बदलने का खेल भी खेला है,

'इतना ही नहीं जब उसका दिल किसी और औरत पर आता है वह उसे पाने के लिए हर हथकंडे अपनाता है, मै अब उस दरिंदे से तंग आ चुकी हूँ, जब मेरे पत्नी तुम्हारे साथ था तब तुम्हारा पति मेरे साथ था,   

मैंने तुम्हे बता तो दिया पर मुकेश को ये मत बताना की मैं तुमसे मिली थी,

"यह सब सुन कर शेफाली के मानो पैरोतले जमीन खिसक जाती है"

शेफाली :-(रोते हुए) पहले बता दिया होता, ये क्या हो गया, तभी मुझे उस दिन चक्कर आ रहे थे,   और अब समझ आया अजय इतना रिलेक्स कसे रह रहा है!

"ये सब सुन शेफाली घर आती है, अलमीरा मे सब चैक करती है, कोई सबुत अजय के खिलाफ, पर उसे कुछ नही मिलता, वह परेशान हो कर अजय के बॉसके पास जाती है,

उसे देख मुकेश कहता

मुकेश :-ओ, तुम यहा!

शेफाली :-मुझे कुछ जानना है, सच!

मुकेश :-कैसा सच!

शेफाली :-मुझे पता है, तुम घटिया इंसान हो पैसो के लालची, औरतों का सौदा करते है!

मुकेश:-किसने कहाँ, सब बकवास है, अजय ने बता दिया उसने नौकरी क्यो छोडी, तेरी गंदी नियत थी ना मुझपर!

मुकेश :-बडा जालिम निकला तेरा पति, मुझसे लाखों रुपये भी लिए और मुह भी खोल दिया, जानेमन जब पता चल ही गया तो, एक बार ओर बाहो मे आ जाऔ, किसी होटल मे चलते है!

"गुस्से से भरी शेफाली, मुकेश को चाटा मार वहा से चली आती है, घर पर आकर देखती है अजय टीवी देख रहा होता है,

अजय :- कहा चली गई थी बिना बताए!

(शेफाली रिलेक्स होकर)

शेफाली :-काम था, अच्छा नौकरी मिली!

अजय :-नहीं मिल जाएगी, तुम हो ना तो टेन्शन नहीं है!

शेफाली :-मै समझी नहीं!

अजय:-कुछ नहीं डार्लिग!

"शेफाली बाथरूम मे जाती और रोती है, बाथरूम के दरवाजे पर अजय का पेंट टंगी होती है उसमे बेंक कि पास बुक होती है,  शेफाली उसे देखा हैरान हो जाती है मुकेश के खाते से अजय के खाते मे 20 लाख कि रकम,

शेफाली अजय के पास जाती है ऐसे दिखाती है जैसे उसे कुछ खबर नहीं है

शेफाली :-अजय मैं नौकरी छोड़ रही हूँ, मन नहीं करता काम करने का, तुम ढूंढ़ लो कोई नौकरी!

अजय:-छोड दो यार क्या थोडे पैसे के लिए सुबह से शाम काम करना, मेरी जान अब पैसा ही पैसा होगा, तुम हो ना लक्ष्मी, ही लक्ष्मी बरसेगी!

शेफाली :-बातो से या काम से!

अजय:-काम से तुम टेंशन ना लो!

शेफाली :-तुम पहले वाले अजय नहीं रहे!

अजय:- हालत और पैसा बदल देता है, पर प्यार तो तुमसे ही करता हूँ, मेरी जान!

"अजय का लालच बड जाता है उसे अब शेफाली पैसा कमाने वाली मशीन लगती है"

(इंसान की नियम कब बिगड़ जाए पता नहीं चलता, प्यार, रिश्ता सब तब खाक हो जाता है)


अगले दिन शेफाली मुकेश के पास जाती है 

और कहती है

शेफाली :-आप मेरा एक काम करेगे!

मुकेश :-बिलकुल मेरी जान, जब से उस शाम तुम मेरी बाहो से निकली हो तब से बेचैन हूँ, दोबारा भरने को, पर अजय, मान नहीं रहा!

शेफाली :-ओ तो क्या कह रहा है!

मुकेश :-लालची कहता है, ओफिस मे बडा पद और मुँह मांगी सेलरी, तुम ही बताऔ मेरी जान पैसा तो देदूंगा, पर कुर्सी नहीं दे सकता, हुनर भी तो हो, जैसा तुममे है मेरी जान!

शेफाली :-आप मेरा काम करेगे या नहीं!

मुकेश :-ऐसा कोई काम नहीं जो मैं नहीं कर सकता, बस फायदा मेरा भी तो हो!

शेफाली :-क्या चाहिए!

मुकेश :-मेरी रखैल बन कर रहो!

शेफाली :-तुम जैसा इंसान यहीं तक की बस सोच रख सकता है,, मंजूर है, अजय को जेल भेजो!

(मुकेश हैरान )

मुकेश :-क्यों!

शेफाली :-मुश्किल है तुम्हारे लिए जानती थी!

मुकेश :-मुश्किल नहीं है, पर चलो तुम्हारे लिए कुछ भी!

"अजय को झूठे केस मे आफिस मे गबन और फाइन की हैराफैरी मे जेल डाल दिया जाता है"जेल मे शेफाली अजय से मिलती है

अजय :-शेफाली मैंने कुछ नहीं किया यार मुझे निकाल बाहर!

शेफाली :-औरत के पास एक (कमजोरी) होती है और (हथियार) वो है उसका  (जिस्म)  तुमने मेरे जिस्म को नहीं मेरी रुह का बलात्कार करवाया, अपनी पत्नी का वो भी अपने लालच मे     और इसी जिस्म को मैने बेच दिया तु्हे यहाँ तक पहुचाने मे!

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"कुछ दिनो बाद मुकेश की एक अश्लील, आपत्तिजनक वीडियो भी वायरल हो जाती है"

और इस बाहरी बदनामी के चलते मुकेश सुसाइट कर लेता है!!


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👉और ये वायरल वीडियो के पीछे कौन हो सकता है ये आप बताएँगे *

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समाप्त 

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