Why is marriage a curse? in Hindi Drama by RACHNA ROY books and stories PDF | शादी एक अभिशाप क्यों

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शादी एक अभिशाप क्यों

नौजवान युवा पीढ़ी जो है उनको समझना नामुमकिन है क्योंकि यह जो पीढ़ी है ना उनको अपने से बड़ी औरत के साथ प्यार करना अच्छा लगता है यह सच है आप लोग भी जानते होंगे क्योंकि नव युवक को ऐसा लगता है कि औरत जो होती है उनके पास बहुत ज्यादा जानकारी होती है हर चीज का।
कोई कोई कुछ ज्यादा ही इस में अपना सबकुछ समर्पित कर देते हैं यह मैं नव युवक के लिए कह रही हुं। अपने सपनों का साकार करने के बजाय यह लोग उन औरतों से आकर्षित हो जाती है जो अपनी पति से प्यार के लिए तरस गई हो।
पर दोस्तो दोनों को सिर्फ तकलीफ और तकलीफ।
शादी शुदा औरत या मर्द को कभी भी extra martial affairs के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि पहले -पहले बहुत ही सबकुछ अच्छा लगता है।छुप -छुप कर मिलना,बात करना, एक दूसरे का इन्तजार करना, एक दूसरे के लिए तड़पना।
पर एक दिन जब सच का सामना होता है तो सब कुछ बिखर जाता है।
जो औरतें अपने पति का प्यार,केयर, अपनापन नहीं पाती है वो तो सबकुछ समर्पित करने के बाद भी यह नहीं समझ पाती कि क्या सही है या क्या ग़लत।।
और ये हाल पतियों का भी होता है जो अपनी पत्नी से प्यार नहीं पाते है वो बहार निकल जाते हैं।

तकलीफ़ और तकलीफ मिलती है। बाद में नव युवक को यह समझ आता है कि अरे प्यार तो था ही नहीं।
खिड़की से चला गया।
प्यार। और फिर तड़प, बेताबी, तन्हाई, टूटा दिलतकलीफ़ और तकलीफ मिलती है। बाद में नव युवक को यह समझ आता है कि अरे प्यार तो था ही नहीं।
खिड़की से चला गया।
प्यार। और फिर तड़प, बेताबी, तन्हाई, टूटा दिल। मेरा किसी को चोट पहुंचाने का एकदम उद्देश्य नहीं है बस इतना कहना है कि सम्हाल जाओ। वरना जो दर्द मिलेगा वो कभी भरेगा नहीं।
और फिर शादी शुदा औरतों से मेरी विनम्र प्रार्थना है कि आप लोग अपना जीवन जिसके लिए सबकुछ छोड़कर आ गये हो तो बस अब यहां से अर्थी ही उठें।


कोई भी बुरा नहीं होता है उसे उसके हाताल बुरा बना देता है। प्यार करना कोई गुनाह नहीं है बल्कि प्यार को पुरी सिददत के साथ निभाना ही सच्चा प्यार है।


 तुम क्या ही समझोगे मेरी तकलीफों को तुम्हें तो मेरा इश्क भी समझ नहीं आया कहते हैं कि इन्तजार करना और इन्तजार का पल इतना लंबा पर तुम्हें क्या याद भी था मेरी इन्तजार का फासला तुम क्या ही समझोगे मेरी इन्तजार को तुम तो मेरा इश्क भी समझ नहीं आया मेरी सांसें तो चलती है कहते रहते हो कि धड़कन इतना तेज क्यों तुम क्या समझोगे कि मेरी धड़कनें तेज क्यों धड़कन का क्या वो धड़कना छोड़ दें तुम्हें तो मेरा इश्क भी समझ नहीं आया और कहते हो कि ये धड़कन क्यों बन्द है। इश्क है। इश्क है। -

तेरी बाहों मे ईश्क मेरा आबाद हो जाए खुद को भूल जाऊ बस तु ही तु याद हो जाए मे लिख लिख तेरी शायरी हर महफ़िल को लूट लू तेरे गुलाब होंठो से एक बार ईरशाद हो जाए तेरी बाहों मे ईश्क मेरा आबाद हो जाए तुम ना दिखो तो बारिश भी कुछ खास नही लगती बिना तेरे सच कहूं भूख प्यास नही लगती कट तो जाता है फिर भी दिन किसी बहाने से पर घबराता हूं फिर से कन्ही ना रात हो जाए तेरी बाहों मे इश्क मेरा आबाद हो जाए तू अपने दिल की बाते मुझे बेशक मत बताया कर मेरी जान अपनी तकलीफे मुझसे मत छुपाया कर तू तो हक जताया।।शादी एक अभिशाप क्यों। क्रमशः