An incident that taught me a lot. in Hindi Moral Stories by krisha writes books and stories PDF | एक घटना जो बहुत कुछ सीख गई।

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एक घटना जो बहुत कुछ सीख गई।

यह किरण की बचपन की बात है। क्या हुआ 14 वर्ष की थी।
एक दिन उसकी मां सुनैनाअपने सारे कार्य समाप्त कर बोली_

बेटा दिवाली आ रही है ,दिवाली की खरीदारी करने चलते हैंवहां से तुम्हारी मौसी के घर भी चलेंगे । 

किरण_ हम मां जरूर चलते है मेरा भी मन बहल जाएगा, बहुत दिन हो गय है, चलते है"। 

( वह दोनों गाडी मे बैठती हे और दिवाली की खरीदारी करने के लिए निकल जाती है ।) 

रास्ते में अचानक से एक वृद्ध महिला का एक्सीडेंट हो गया; और वह काफी घायल हो गई  थी। वहां बहुत सारे लोग थे" लेकिन उसमें से किसी ने भी उसे वृद्ध महिला की और और ज्यादा ध्यान नहीं दिया। ओर नहीं किसी भी व्यक्ति ने उस महिला की मदद भी नहीं की यह देख कर सुनेना को बहुत बुरा लगा । 

सुनेना ने गाड़ी रुकवाई और उस महिला के पास गई यह देखकर किरण भी उसके पीछे-पीछे गई और सुनैना के पीछे जाकर खड़ी हो गई। उसके बाद सुनैना ने किरण प्लीज से कहा कि उन्हें पानी पिलाओ। यह सुनकर  किरण ने उस वृद्ध महिला को अपनी बोतल से पानी पिलाया। इसके बाद किरण और सुनैना उसे वृद्ध महिला को अस्पताल ले गए। 

अस्पताल जाने के बाद उन्हें पता चला कि वह औरत बहुत ही गरीब है। रास्ते पर भीख मांग कर अपना पेट पालती है।

सुनैना ने उसे की औरत के इलाज का सारा खर्च उठाया। अपनी मां को इतना सब करते देखा किरण ने उनसे पूछा? _

किरण_मां आप उनके लिए इतना सब क्यों कर रही हो? यह तो एक भिखारन है। हम अमीर हैं हमें एक भी भिखारी की मदद करना शोभा नहीं देता है। हमें तो एक अमीर व्यक्ति की मदद करनी चाहिए। यह हमें बदले में क्या ही दे पाएगी। यह तो दिखने में ही एक थी भिखारिन लगती है। इसका मतलब यह है कि हमें इस औरत की मदद करने से कुछभी हासिल नहीं होने वाला है।_____

किरण की बात को बीच में काटते हुए डाटकर सुनैनान कहा की". ।____

नहीं बेटा ऐसा नहीं कहते यह करीब है तो क्या हुआ है तो इंसान ही ना और और इसका मतलब यह नहीं कि हम इन्हें कुछ भी बोल सकते हैं तुम्हें क्या लगता है कि हम पैदाइशी ही अमीर है हम भी  कभी गरीब थे हमने भी यह गरीब भरी जिंदगी देखी है। तुम्हारे पापा की मेहनत ने हमें अमीर बनाया है, बाकी हम भी एक गरीब परिवार से हैं। और यह भी मेहनत करके कल शायद अमीर बन जाए । बेटा तुम्हें अपना नजरिया बदलना होगा और तुम्हारे दिमाग में यह खटिया सोच कहां से आई। 

 बेटा यह है तुम्हारे मुंह से सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा शायद मेरी परवरिश मैं ही कोई कमी रह गई है मैंने तुम्हें कभी-भी ऐसा नहीं सिखाया था।

किरण ने अफसोस की भावना रखकर अपनी मां से माफी मांगी और कहां की मुझे माफ कर दो। 

जब मां ने कहा कि कोई नहीं बेटा गलती इंसान से ही होती है। गलती करने से बढ़कर गलती को स्वीकार करना होता है तुमने अपनी गलती स्वीकार ली है।

तुमने गलती तो की पर तुम्हें अफ़सोस भी हो रहा है यही बड़ी बात है। मैं तुम्हें माफ तो कर दूंगी पर तुम्हें मुझसे एक वादा करना होगा कि तुम हमेशा लोगों की मदद करोगी और हर व्यक्ति को इंसान की तरह देखोगी और अमीर गरीब में फर्क कभी नहीं करोगी। भगवान ने सभी को एक जैसा बनाया है उसमें भेदभाव मत करो। 

किरण ने उसकी मां से यह वादा किया कि वह कभी भी किसी भी व्यक्ति में भेदभाव नहीं करेगी। और लोगोंक मदद करेगी। 

शिक्षा__हमें कभी भी किसी भी व्यक्ति में भेदभाव नहीं करना चाहिए । भगवान ने सभी को एक समान बनाया है।