Deewane Ki Diwaniyat - Episode in Hindi Love Stories by kajal jha books and stories PDF | दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 26

Featured Books
Categories
Share

दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 26

---

नई सुबह, नया मोर्चा
मुंबई की जीत के बाद टीम को लगा था कि अब शांति मिलेगी। लेकिन आर्यन की चिट्ठी ने सबको फिर से हिला दिया—"अगला मोर्चा कोलकाता है।"  
पृथ्वी ने गंभीर स्वर में कहा, “माफिया की जड़ें अभी भी बाकी हैं। अब हमें कोलकाता जाना होगा।”  
सनाया ने चिंतित होकर कहा, “कोलकाता सांस्कृतिक शहर है। वहाँ हमला हुआ तो देश की आत्मा हिल जाएगी।”  
नीरा ने कंप्यूटर पर डेटा निकाला। “हावड़ा ब्रिज और विक्टोरिया मेमोरियल पर गतिविधियाँ बढ़ी हैं। यही अगला निशाना है।”  

---

कोलकाता का सफर
टीम सुबह फ्लाइट से कोलकाता पहुँची। शहर की गलियाँ, ट्राम और भीड़ ने सबको चौकन्ना कर दिया।  
तारा ने कहा, “यहाँ दुश्मन छिपना आसान है। हमें हर कदम सोच-समझकर रखना होगा।”  
आर्यन ने बताया, “माया ने कोलकाता में खास नेटवर्क बनाया था। यहाँ उसका सबसे पुराना साथी है।”  

---

पुराना साथी
रात को टीम ने हावड़ा ब्रिज की ओर रुख किया। वहाँ एक आदमी सामने आया।  
वह बोला, “मैं माया का सबसे पुराना साथी हूँ। मेरा नाम सुरेश है। कोलकाता मेरा किला है।”  
टीम चौंक गई। तारा ने बंदूक तानी। “तू कौन है?”  
सुरेश हँसा। “मैंने माया के साथ शुरुआत की थी। अब मैं इसे खत्म करूँगा।”  

---

भावनात्मक झटका
आर्यन ने सुरेश को देखा और बोला, “तुमने बच्चों को धोखा दिया। तुमने हमें हथियार बनाया।”  
सुरेश ने कहा, “तुम कमजोर हो। माया का सपना मैं पूरा करूँगा।”  
पृथ्वी ने गुस्से में कहा, “तू मासूमों को ढाल बना रहा है। ये बगावत नहीं, अपराध है।”  

---

विक्टोरिया मेमोरियल का खतरा
नीरा ने सिस्टम से पता लगाया कि अगले दिन शाम को विक्टोरिया मेमोरियल पर बम लगाया जाएगा।  
पृथ्वी ने कहा, “हमें रात में ही इसे रोकना होगा।”  
टीम ने योजना बनाई। तारा और नीरा हावड़ा ब्रिज पर रहेंगी, जबकि पृथ्वी और सनाया विक्टोरिया मेमोरियल की ओर जाएँगे।  

---

रात की भिड़ंत
हावड़ा ब्रिज पर तारा और नीरा ने सुरेश के गुंडों से मुकाबला किया।  
नीरा ने कंप्यूटर हैक कर बम का लोकेशन निकाला।  
तारा ने लड़ते हुए कहा, “नीरा, जल्दी करो!”  
नीरा ने जवाब दिया, “बस कुछ सेकंड और।”  

इसी बीच सुरेश ने हमला किया। “तुम मुझे नहीं रोक सकते।”  
तारा ने बंदूक तानी। “कोलकाता को बचाना होगा।”  

---

विक्टोरिया मेमोरियल में दौड़
पृथ्वी और सनाया विक्टोरिया मेमोरियल पहुँचे। वहाँ भीड़ थी।  
पृथ्वी ने सिग्नल रूम में घुसकर सिस्टम बंद किया।  
सनाया ने यात्रियों को बाहर निकाला। “सब लोग बाहर निकलो!”  

बम ट्रैक पर लगा था। पृथ्वी दौड़कर पहुँचा।  
नीरा ने रेडियो पर कहा, “कोड 1122 डालो।”  
पृथ्वी ने कोड डाला। बम डिफ्यूज हो गया।  

---

सुरेश का सामना
हावड़ा ब्रिज पर सुरेश ने तारा को पकड़ लिया।  
“तुम्हें मारकर मैं माया का सपना पूरा करूँगा।”  
तभी आर्यन आगे आया। “तुम गलत हो। माया का सपना बच्चों को बचाना था, उन्हें मारना नहीं।”  
सुरेश ने गुस्से में कहा, “तू गद्दार है।”  

पृथ्वी वहाँ पहुँचा। उसने सुरेश से कहा, “तू बच्चों को हथियार बना रहा है। ये बगावत नहीं, पागलपन है।”  
सुरेश ने बंदूक तानी। लेकिन तारा ने गोली चलाई।  
सुरेश घायल होकर गिर पड़ा।  

---

आखिरी शब्द
सुरेश ने मरते हुए कहा, “माया का सपना कभी खत्म नहीं होगा। अगली पीढ़ी उठेगी।”  
आर्यन रो पड़ा। “तुम गलत थे।”  
पृथ्वी ने उसे गले लगाया। “अब सब खत्म हो गया।”  

---

कोलकाता की जीत
सुबह कोलकाता सुरक्षित था। लोग सामान्य जीवन में लौट आए।  
पुलिस ने हावड़ा ब्रिज और विक्टोरिया मेमोरियल को सुरक्षित कर दिया।  
सनाया ने कहा, “आज हमने हजारों लोगों की जान बचाई।”  
पृथ्वी ने मुस्कुराकर कहा, “ये असली जीत है।”  

---

परिवार का सुकून
शाम को परिवार ने कोलकाता में डिनर किया। बच्चे हँस रहे थे।  
सनाया ने कहा, “अब हमें नई शुरुआत करनी होगी।”  
पृथ्वी ने उसका हाथ थामा। “हाँ। अब शांति का समय है।”  

---

नया संकेत
रात को आर्यन ने एक और चिट्ठी दिखाई।  
"बगावत की जड़ें सिर्फ कोलकाता में नहीं। अगला मोर्चा चेन्नई है।"  

टीम चौंक गई। तारा ने कहा, “तो लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई।”  
पृथ्वी ने दृढ़ता से कहा, “हम हर शहर को बचाएँगे। चाहे कितनी भी बगावत क्यों न हो।”  

---

निष्कर्ष
एपिसोड 27 ने कोलकाता की जंग को दिखाया। सुरेश का खुलासा, माया का पुराना साथी, और विक्टोरिया मेमोरियल पर खतरा—सबने कहानी को और रोमांचक बना दिया। टीम ने कोलकाता को बचाया, लेकिन आखिरी चिट्ठी ने साफ कर दिया कि बगावत की जड़ें और भी गहरी हैं। अब अगला मोर्चा चेन्नई है।