Saat fere Hum tere - Secound - 54 in Hindi Love Stories by RACHNA ROY books and stories PDF | सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५४

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सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५४

कुछ देर बाद विक्की आ गया और फिर सबसे मिलकर अभिवादन किया।
अरे बेटा कैसा है तू। संजना के जाने के साथ तेरा क्या हाल हुआ। शादी नहीं करेगा क्या?
विक्की ने कहा अरे अब मेरी दुनिया मेरी न्यारा है उसके लिए ही सबकुछ करना है।


सब कुछ ठीक है ना। अच्छी तरह हो जाएं बस।
इंतजाम बहुत अच्छा है। बेटा।।
विक्की ने हंसते हुए कहा शुक्रिया।आप लोग नाश्ता करके आराम कर लिजिए। लम्बी सफर से थक गए होंगे।

विक्की यह कहते हुए बाहर निकल गया।
मैं तो बस अतुल माया दी और बिमल को लेने एयरपोर्ट जा रहा हूं अनिक तू सब देख लेना।
अनिक ने कहा अरे यार अब चिंता मत करो।
विक्की ने कहा ओह माई गॉड चलों बाई।।
अनिक अन्दर आकर सब कुछ देखने लगा।

शाम तक विक्की के बंगले में शोरगुल हंसी मज़ाक शुरू हो गया।
माया दी की फैमिली।
बिमल उसकी पत्नी कल्पना।
अतुल और रेखा।
अपने बच्चों के साथ पहुंच चुके थे।
विक्की के इस विरान बंगले में जान आ गई थी।
नताशा अपने समय से जाने लगी।
विक्की ने देखते ही कहा अरे नताशा आज यहां रूक जाईए।
नैना ने कहा अरे नहीं मैं नहीं रूक सकती हुं सर।
माया दी ने देखते ही कहा अरे ये नताशा से न्यारा कि केयर टेकर।।
विक्की ने कहा अरे हां दी, ये नहीं होती तो पता नहीं क्या ही होता।।
माया बार बार देखना चाहती थी।
ओह तूने बताया था कि इसका चहेरा जल चुका है।
विक्की ने कहा हां दी।।
माया ने उदासी में कहा सो सेड।।
नताशा ने धीरे से कहा सो साॅरी सर।
मैं चलती हूं।

ओके गुड नाईट विक्की ने मायुस होकर कहां।।

फिर सब न्यारा को लेकर खेलने लगें।
विक्की ने कहा दी आप लोगों मेरे लिए क्या हो ये बयान करने की जरूरत नहीं है ना।।
निलेश का हमशक्ल हुं मैं पर आप से तो दिल का रिश्ता है ना।।
माया ने कहा हां भाई।। मैंने तो तुझमें और नैना में कोई फर्क नहीं किया।



नैना कहां चली गई पता नहीं।।।
आज निलेश के साथ नैना को खो दिया हमने।
कहते हुए रोने लगी।
विक्की भी भावुक हो गए।।


विक्की भी रोने लगा।
अरे बेटा सब रो क्यों रहे हो।।
बिमल ने कहा चलो फिर खाना ,गाना हो जाएं।परसों तक घर में सब लोग आ जाएंगे उससे पहले पुरा अरेंजमेंट हो जाना चाहिए।
अनिक ने कहा अरे बाबा तू मेरे ऊपर छोड़ दें सब कुछ हो जाएगा।
विक्की ने कहा हां, थैंक्स एक बार माया दी आ जाएं बस फिर मुझे कोई टेनसन नहीं है भाई।
विक्की ने हंसते हुए कहा।
सारा ये सब सुन कर बोली अरे नताशा के लिए मुझे चिंता होती है पता नहीं वो काम करेंगी या नहीं?
विक्की ने कहा अरे ऐसा क्या?
उसने कुछ कहा?
सारा ने बताया कि पता नहीं किसी से फोन पर बात कर रही थी कि बस और कुछ दिन कि बात से फिर यहां छोड़ देंगी।
विक्की ने हंसते हुए कहा कि ऐसा नहीं कर सकती हैं अगर वो चाहे तो डवल पैसे ले कर काम करें।
अधिक सोच-विचार मत करो यार अब कुछ खा लें।
अनिक ने कहा।
हां हां चलो अब।
फिर सब मिलकर डिनर टेबल पर बैठ गए और खाना खाने लगे।

अगले दिन सुबह सब काम शुरू हो गया था।
बस विक्की किसी की इन्तजार में था और वो जैसे ही आकर बोली गुड मॉर्निंग सर।
विक्की ने कहा ओह गुड मॉर्निंग नताशा।
क्या हुआ सब कुछ ठीक है कोई परेशानी है क्या??
नैना ने कहा अरे नहीं नहीं सब ठीक है।
विक्की ने कहा आप को कोई जाब मिल गया?
नताशा ने कहा अरे नहीं नहीं, कहां कोई मुझे देगा मैं तो ज्यादा पढ़ी लिखी नही हुं।
विक्की ने कहा ओके गुड।
नैना ने कहा जी यह कैसे गुड हुआ।
विक्की ने कहा अरे मेरा मतलब है कि आप बहुत समझदार है। और आप को प्लास्टिक सर्जरी करवाना है तो मैं कुछ मदद कर सकता हूं।
नैना ने हंसते हुए कहा आप मदद करेंगे मेरी? पहले खुद की कर लिजिए।
विक्की ने कहा जी क्या मतलब?
नैना ने कहा कुछ नहीं कहते हुए सीढ़ी चढ़ गई।
विक्की ने कहा अरे सुनिए तो आप बीच में ही बात अधुरी कर के जा रही है।
नैना ने कहा हां बस ज़िन्दगी में जिनके सब काम अधुरे हो तो और क्या करेंगी।
अच्छा तो जो हुआ मेरे साथ।।
विक्की ने कहा ओह अजीब बात है।। इतना नेगेटिव बातें।।
छोड़ ना भाई।
कल तो माया दी लोग आ रहे हैं। तो उनके हिसाब से खाना बनवाना पड़ेगा।
विक्की ने कहा अरे हां सब कुछ समझा देना होगा।
मुझे अभी निकलना होगा बैंक भी जाना है।
क्रमशः