The beloved wife of two husbands in Hindi Love Stories by Sonam Brijwasi books and stories PDF | दो पतियों की लाडली पत्नी

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दो पतियों की लाडली पत्नी



Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर।

Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर।

Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI इंजीनियर।


दोनों भाई एक ही कंपनी के अलग-अलग सेक्टर में काम करते थे। भाईचारा ऐसा कि लोग उन्हें राम-लक्ष्मण कहकर बुलाते थे।

Company Lobby (Morning 10:00 AM)

कंपनी के ग्लास डोर खुलते हैं। लोग इधर-उधर भाग रहे हैं। एक शरमीली, सिंपल लड़की श्रेया जो चश्मा ठीक करती हुई फाइलें पकड़कर अंदर आती है।

Receptionist बोली - 
Good morning ma’am.

Shreya (हल्की मुस्कान के साथ) बोली - 
Good morning…

वहीं दूसरी तरफ से दो हैंडसम लड़के एकसाथ एंट्री लेते हैं— करन और कबीर ठाकुर। दोनों की चाल, कॉन्फिडेंस और बॉन्ड देखकर ही लोग पलटकर देखते हैं।

Kabir (मस्तीभरे अंदाज़ में) बोला - 
भैया ! देखा? आज भी guard ने मुझे salute किया।Hero लगता हूं ना मैं?

Karan (हँसकर) बोला - 
तू hero नहीं… overconfident junior engineer लगता है।

दोनों हँसते हुए आगे बढ़ते हैं। तभी कबीर की नज़र श्रेया पर पड़ती है।

Kabir (धीरे, करन को कोहनी मारते हुए) बोला - 
भैया वो कौन है ? इतनी सीधी… इतनी cute...।

Karan (शांत होकर) बोला - 
Shreya Singh. AI Research Sector. नई joinee है।

कबीर आश्चर्य से देखता है, जैसे पहली बार किसी लड़की को देख रहा हो।

 Lift Inside

लिफ्ट खुलती है। श्रेया अंदर जाती है। कुछ फाइलें उसके हाथ से छूट जाती हैं।

Shreya बोली - 
अरे यार! ये तो नीचे गिर गईं। 

कबीर झट से घुटनों के बल बैठकर फाइलें उठाता है।

Kabir (हँसकर) बोला - 
फाइलें गिरती हैं। पूछो पर संभालेगा कौन ? 

Shreya बोली - 
कौन?

Kabir बोला - 
मैं... और कौन!

श्रेया हल्की सी शर्माती है।

Shreya बोली - 
Thank you…

करन भी फाइलें उठाने में मदद करता है, लेकिन वह कुछ नहीं बोलता— सिर्फ साइलेंट नजर से देखता है।

लिफ्ट बंद होती है।

Office Floor (AI Lab)

श्रेया लैब में काम कर रही है। कंप्यूटर कोड में एरर आ रहा है।

Shreya (परेशान होकर) बोली - 
ये code run क्यों नहीं कर रहा? मम्मी आज ये मेरे साथ क्या क्या हो रहा है? 

पीछे से करन आता है।

Karan (हल्का सा झुककर) बोला - 
Try recursive loop break. ये error clean हो जाएगा।

श्रेया चौंककर देखती है।

Shreya बोली - 
अ ..आप Karan sir ।

Karan बोला - 
No sir… only karan. Help की need हो तो बता देना। नई हो ना।

कबीर अचानक अंदर आता है।

Kabir बोला है 
अरे वह! भैया help कर रहे होऔर मुझे बुलाया भी नहीं ?

श्रेया मुस्कुरा देती है।

 Café Area

टी-ब्रेक के दौरान श्रेया अकेले बैठी होती है। कबीर दो कॉफी लेकर आता है।

Kabir बोला - 
एक तुम्हारे लिए… एक मेरे लिए। दोस्ती का first step.

Shreya (संकोच में) बोली - 
मैं… sugar free नहीं लेती। 

Kabir बोला - 
अरे वह, बिल्कुल मेरे भैया की copy. करण भैया भी sugar free नहीं लेते। उनको बिना sugar के चाय, coffe हो या मिठाई उन्हें पसंद नहीं आती। इसलिए मेरे भैया की जुबान भी मीठी हो गई है।

श्रेया हँस देती है। वो देख रही थी कबीर कितना मासूम है।
दूर से करन इन्हें देखता है। उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान है। पर कहीं न कहीं कुछ महसूस भी करता है.

 Night Office (8:30 PM)

श्रेया देर रात तक काम करती है। अचानक लाइट्स फ्लिकर करने लगती हैं। वह घबरा जाती है।

Shreya (धीरे से) बोली - 
कौन है…?

करन आता है, हाथ में टॉर्च।

Karan (गंभीर आवाज में) बोला - 
Don’t worry. मैं हूं। Backup generator on कर दिया है।

श्रेया की आँखों में राहत… और एक अजीब भरोसा।

 Twist की शुरुआत

दोनों भाइयों की जिंदगी में पहली बार एक ही लड़की आ गई थी — लेकिन दोनों को नहीं पता था कि उनकी किस्मत एक ही दिशा में जा रही है।

कबीर श्रेया को मस्तीभरी, दोस्ती वाली नजर से देखता था।
करन उसे चुपचाप, गहराई से महसूस करता था।
और श्रेया?
उसे खुद नहीं पता था वह किसकी तरफ खिंच रही है।

1 साल बाद......

करण अब 26 साल का हो चुका था।
कबीर 25 साल का।
और श्रेया 23 साल की 

 Shreya का घर, Drawing Room

टेबल पर कई रिश्तों के फोटो पड़े हैं। श्रेया की माँ माथा पकड़े बैठी हैं। पापा चुपचाप चाय हिला रहे हैं।

Maa (थकी आवाज में) बोली - 
पता नहीं कैसे कैसे रिश्ते आ रहे हैं…कोई पसंद ही नहीं आ रहा।

Papa (धीरे से) बोले - 
श्रेया की मर्ज़ी सबसे पहले है। जब उसे पसंद आयेंगे रिश्ते तब आगे बढ़ाएंगे।

उसी वक्त दरवाज़ा खुलता है। श्रेया हल्की मुस्कान में अंदर आती है।

Shreya बोली - 
mummy, papa, मैं हूं ना… tension मत लो।

Maa बोलीं - 
हमें तेरी ही tension है। तेरी तीनों बहनों की शादी हो गई बड़े भाई की भी हो गई। तू घर में सबसे छोटी बची है। तेरे लिए tention होती है। 

इतने में बाहर से आवाज आती है।

Pandit ji बोले - 
नमस्कार…आज कुंडली देखने बोला था ना?

सब बैठ जाते हैं। श्रेया थोड़ी nervous थी।

 Kundli Reading

पंडित जी मोटी लकड़ी की चौकी पर बैठकर चश्मा लगाते हैं और श्रेया की कुंडली खोलते हैं।
कुछ देर तक पन्ने पलटते रहते हैं… अचानक उनकी आँखें चौड़ी हो जाती हैं।

Pandit ji (गंभीर आवाज में) बोले - 
अरे बाप रे…ये तो पांचाली दोष है।

कमरे में सन्नाटा… Maa-Papa एक-दूसरे को देखने लगते हैं। 

Shreya (घबराकर) बोली - 
पांचाली दोष? ये कौनसा दोष है? आज से पहले तो कभी नही सुना हमने।

Papa (कठोर स्वर में) बोले - 
पंडित जी, ढंग से समझिए। हमें अंधविश्वास से सख्त नफरत है।

Pandit ji बोले - 
ये झूठ नहीं है, पुराने ज्योतिष शास्त्र की बात है।
इस दोष का मतलब है लड़की की शाद दी या पांच पतियों से होती है। मतलब लड़की की शादी का योग 1 से अधिक पति का होता है। 
ऐसा ना करने पर लड़की जिससे शादी करती है उसका पति मृत्यु को प्राप्त हो जाता है शादी के तुरंत बाद ही। और परिवार भी सुखी नहीं रहता।

सब एकदम से shocked हो गए।

Maa बोली - 
अरे ये कैसी बात कर रहे हो आप!? ये 2038 है।

Papa बोले - 
हमें इन बातों पे बिल्कुल भरोसा नहीं है।

Pandit ji (शांत लेकिन ज़िद्दी लहजे में) बोले - 
मैं झूठ नहीं बोलता, कुंडली झूठ नहीं बोलती।
अगर आपकी लड़की ने ऐसे दो लड़कों से विवाह नहीं किया जिनकी कुंडली में भी ये योग हो तो आपकी बेटी जिस भी लड़के से शादी करेगी वो शादी के तुरंत बाद ही मृत्यु को प्राप्त हो जाएगा।

पंडित जी चले गए।

Shreya (रोते हुए) बोली - 
Mummy… ये सब क्या हो रहा है? मैं कोई पाप हूं क्या ?

Maa उसे गले लगा लेतीं हैं।

Maa बोलीं - 
तू पाप नहीं है। तू हमारी बेटी है। चाहे कोई कुछ भी बोले हम तुम्हारे साथ हैं। सब अंधविश्वास है, सब झूठ है।

Papa बोले - 
अगर ऐसा कुछ भी है तो हमारी बेटी शादी नहीं करेगी। हम अपनी बेटी को दो लड़कों के बीच पिसने के लिए नहीं छोड़ सकते।

धीरे-धीरे पूरे मोहल्ले में यही बात फैल जाती है। लोग बातें करने लगते हैं।

Neighbor 1 बोला - 
श्रेया की कुंडली में दोष है। एक एक लड़के से नहीं दो से होगी। 

Neighbor 2 बोली - 
दो दूल्हे ढूंढो! वरना उसका घर बसना मुश्किल है। 

Neighbor 3 बोली - 
श्रेया के पापा बोल रहे हैं कि श्रेया कभी शादी नहीं करेगी।

Neighbor 4 बोला -
 क्या! ये तो बेवकूफी है। किसी दोष के चक्कर में लड़की की बोझ बनकर घर में बिठा लो। कल को कुछ ऊंच - नीच हो गई तो क्या जवाब देंगे ये लोग समाज को। अरे जवान लड़की है। सुंदर लड़की है। शादी करें उसकी।

Papa गुस्से में दरवाजा बंद करते हैं।

Papa बोले - 
ये लोग पागल हो गए हैं क्या!? हमारी बेटी कोई बोझ नहीं है। वो कोई खिलौना नहीं जो किसी को भी पकड़ा दें।

Maa (आवाज़ टूटती हुई आवाज में) बोलीं - 
क्या करें हम लोग? कुछ समझ नहीं आ रहा है।

श्रेया सब सुन लेती है— उसकी आँखों में बेबसी थी।
श्रेया वहां आई।

श्रेया बोली - 
पापा मम्मी मैं शादी के लिये तैयार हूं। आप लड़के ढूंढिए।

पापा बोले -
पागल तो नहीं हो गई तू। तुझे पता भी है दो दो पतियों के बीच क्या हालत होती है। द्रोपदी के बारे में तो पढ़ा ही है तूने।

श्रेया बोली - 
Papa please... आपको मेरी कसम please मान जाइए।

माँ-पापा मन में नहीं चाहते, पर मोहल्ले के दबाव में और श्रेया की कसम में उन्हें दो ऐसे लड़के ढूँढने पड़ते हैं जिनकी कुंडली में भी यही “Panchali Yog” हो।

कई हफ्तों की दौड़-भाग… कुंडली चेकिंग… अस्वीकृति…

आख़िर में उन्हें दो नाम मिलते हैं—

Karan Thakur
Kabir Thakur

दोनों भाइयों की कुंडली में भी Panchali Yog होने की बात सामने आती है।

Thakur House, Living Room

कबीर apple खा रहा है, करन लैपटॉप पर काम कर रहा है। तभी उनके Chacha-Chachi घुसते हैं।

Chachi (उत्साहित होकर) बोलीं - 
बेटा! रिश्ता आया है! दोनों के लिए!

Kabir (मुँह में apple दबाए) बोला - 
दोनों के लिए!?एक ही लड़की है या दो ?

Chacha (हँसते हुए) बोले - 
अरे एक ही लड़की है…पर तुम दिनों की कुंडली meach हो गई। वो पांचाली योग था ना लड़की की कुंडली में भा था।

कबीर apple नीचे गिरा देता है।

Kabir बोला - 
What!? एक लड़की...! दो पति....!? अरे ये कौनसी web series वाली बात हो रही है!?

Karan (सीधे बैठते हुए) बोला - 
चाचा जी, ये सब बकवास है। हम ये सब नहीं मानते।

Chacha बोले - 
बेटा बकवास नहीं सच है। श्रेया नाम की लड़की है। काफी ज्यादा सुंदर और मासूम engineer है।

कबीर का चेहरा चमक जाता है— उसे याद आता है वही श्रेया जिसे वह रोज ऑफिस में देखता है।

Kabir (धीरे से) बोला - 
Shreya… Singh?

Chachi बोली - 
हां!

करन चौंक जाता है. उसके चेहरे पर हल्का tension— क्योंकि वह भी श्रेया को पसंद करता था।

Karan बोला - 
Kabir… तू जनता है? तुम दोनों…

कबीर (एकदम लाल होकर) बोला - 
भैया… मुझे वो पसंद है। लेकिन…एक लड़की से दिनों शादी ? ये बहुत weird है…।

Karan (गंभीरता से) बोला - 
ये बहुत गलत है। हम शादी किसी दोष के नाम पे नहीं करेंगे । हमसे ज्यादा उस लड़की की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।

Chacha (गुस्से में हाथ पटकते हुए)बोले - 
तुम दोनों बेवकूफ हो। कुंडली से शादियां चलती हैं। लड़की की कुंडली में दोष है बिल्कुल तुम्हारी तरह। भूलो मत इन्हीं दोषों की वजह से तुमने अपने मां बाप को खो दिया है। 
तुम नहीं करोगे तो कौन करेगा?

 Dramatic Reveal

उसी रात, दोनों भाई कमरे में अकेले बैठे हैं।

Kabir (धीरे से) बोला - 
भैया एक बात कहूं? मुझे श्रेया अच्छी लगती है। वो बिल्कुल मेरी तरह है। वो मेरी मासूमियत का फायदा भी नहीं उठाती। मुझे समझती है। 

करन उसे देखता है— उसकी आँखों में भी वही confession छुपा है।

Karan बोला - 
मैं भी उसे पसंद करता हूं।

दोनों चुप…

Kabir (गहरी सांस लेकर) बोला - 
तो फिर? हम एक ही लड़की को?

Karan बोला - 
लड़की है कोई troohy नहीं है। Decision श्रेया का होगा। ना कि घरवालों का।

 Shreya’s home 

श्रेया अकेले बैठकर रो रही है।

Shreya बोली - 
मैं नॉर्मल life क्यों नहीं जी सकती?

माँ धीरे से उसके पास आती है, उसके बाल सहलाती है।

Maa बोलीं - 
बेटा हम मजबूर हैं। तुम्हारी कसम ने हमें मजबूर कर दिया है। तुम चाहो तो अभी भी मना कर सकती हो।

Shreya (सख्त स्वर में) बोली - 
ये शादी मैं करूंगी।

Majboori ki Shaadi

Mandap ka Sannata

शाम का समय है। पर माहौल में कोई रोशनी नहीं। शादी के मंडप में फूल लगे हैं, पंडाल सजाया गया है — मगर हवा भारी है, लोगों के चेहरे उतरे हुए हैं।
ऊपर स्टेज पे एक बड़ा सा sofa है , जहां पर दोनों पर बैठे चेहरे उदास।

Karan सिर झुकाए हुए, हाथ जोड़े।
Kabir बेचैनी में उंगलियाँ मरोड़ रहा है।

लोग फुसफुसा रहे हैं।

Neighbor 1 बोला - 
अरे, कैसी शादी है ये? एक लड़की दो पतियों को कैसे निभाएगी?

Neighbor 2 बोला - 
Panchali Dosh… मजबूरी होती है।

वहीं थोड़ा दूर श्रेया लाल जोड़े में बैठी है, वो उस time किसी परी जितनी सुन्दर लग रही है। पर चेहरे पर मुस्कान की जगह दर्द ही दर्द है। उसकी आँखें नम हैं, होंठ काँप रहे हैं।

 Dulhan ka Kamra

श्रेया आईने के सामने बैठी है। उसकी सहेली gudiya फूल की पिन लगाने की कोशिश कर रही है।

Gudiya (धीरे से) बोली - 
Shreya… तू रो रही है?

Shreya (आँसू रोकते हुए) बोली - 
नहीं… बस…आंख में कुछ चला गया था।

उसकी आवाज टूट जाती है।

गुड़िया बोली - 
तू चाहे तो मना कर सकती है।

Shreya (कठोर बनते हुए) बोली - 
मना करके क्या होगा?
पापा पे सब उंगलियां उठाएंगे।
मम्मी का मजाक बनाएंगे।
मैं मजबूर हूं।

वह गहरी सांस लेती है।

Shreya बोली - 
बस... कान्हा जी से एक हो दुआ है।
जो हो रहा है उसे सहन करने की शक्त दें।

Dulhon ki Room (Karan & Kabir)

कबीर बेतहाशा इधर-उधर घूम रहा है।

Kabir बोला - 
भैया… हम ठीक तो कर रहे हैं ना?
मैं...मैं श्रेया से प्यार करता हूं m
पर दो पति...ये normal नहीं लगा रहा।

Karan (गंभीर होकर) बोला - 
ये normal है ही नहीं। ये गलत है।
(पर फिर करण कुछ seconds रुक कर)
पर हमने decide किया था...decision shreya का होगी।

Kabir बोला - 
पर श्रेया ये सब मजबूरी में कर रही है। उसने अपने मम्मी पापा को भी force कर रखा है कि कोई उसे ना रोके।
उसकी आंखों में दर्द दिख रहा है भैया।

Karan बोला - 
मुझे पता है।
पर इस वक्त पीछे हटना उसके घर वालों की इज्जत खराब कर देगा।

(दोनों चुप हो जाते हैं.)

 Baraat ka Aana

ड्रम बज रहे हैं… पर माहौल में खुशी गायब।

पड़ोस वाली aunty बोलीं - 
आज तक इतनी बेजान शादी नहीं देखी।

Baraati 1 बोला - 
करण हो शादी करे टी समझ आए। पर दोनों ही एक ही लड़की से?

करन और कबीर एक-दूसरे को देखते हैं — दोनों की आँखें खाली

Varmala Ceremony

मंडप में सब इकट्ठा। श्रेया आती है। उसकी चाल भारी है, आँखें नीचे।
कबीर और करन दोनों खड़े हो जाते हैं।

Pandit ji (औपचारिक आवाज में) बोले - 
“दुल्हन पहले बड़े दूल्हे को माला पहनाएगी।

श्रेया कांपते हाथों से करन को माला पहनाती है। करन सिर झुका लेता है। वो श्रेया को देखता है जिसकी आंखों में बस दर्द के अलावा कुछ नहीं दिख रहा था।

Pandit ji बोले - 
अब दूसरे दूल्हे को।

श्रेया धीरे से कबीर को माला पहनाती है। कबीर सांस भी नहीं ले पा रहा। उसके चेहरे पर दर्द साफ। उसकी सामने वो लड़की खड़ी थी जिसके पास उसकी हर problem का solution रहता था। आज इतनी लाचार थी।
लोग चौंककर देखते हैं — एक ही दुल्हन, दो बार माला।

 Saat Phere (Double)

Pandit ji बोले - 
पांचाली योग के अनुसार दोनों दूल्हे एक साथ फेरो में चलेंगे।
दुल्हन बीच में चलेगी।

मंडप में फिर सन्नाटा… श्रेया बीच में, एक ओर करन, दूसरी ओर कबीर।
अग्नि जल रही है — जैसे तीन लोगों का रस्मों से बंधना।

Shreya (मन में) बोली - 
कान्हा जी ये रिश्ता मैने नहीं चाहा था।
मुझे इन दोनों को तकलीफ से बचाना है।
कबीर जी तो मासूम हैं।

फेरों के दौरान करण एक बार हाथ हल्का सा पकड़ लेता है — सहारा देता हुआ।
Kabir दूसरी तरफ उसकी चुन्नी ठीक कर देता है।
तीनों की आँखों में पानी है — किसी में खुशी नहीं।

Scene 7 – Sindoor Ritual

श्रेया आसन पर बैठती है। वो काँप रही है।

Pandit ji बोले - 
पहले बड़े दूल्हे को दुल्हन के मांग में सिंदूर भरना है
(करन थाल उठाता है. उसकी उंगलियाँ काँपती हैं.)

Karan (धीरे, टूटी आवाज में) बोला - 
I’m really sorry… Shreya.

वह उसके मांग में धीमे से सिंदूर भरता है।

Pandit ji बोले - 
अब छोटे दूल्हे को।

कबीर का गला भर आता है।

Kabir (फुसफुसाकर) बोला - 
मैं नहीं चाहता था।
पर मैं तुम्हे दुखी भी नहीं देख सकता श्रेया। 
क्योंकि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं।

कबीर भी सिंदूर भरता है।

Shreya की आँखों से आँसू गिरने लगते हैं।

 Bidaai

श्रेया कार में बैठी है।उसके माता-पिता रो रहे हैं।

Maa बोलीं - 
बेटा! अगर तू कसम ना देती तो ये दिन हम तुझे कभी देखने नहीं देते।

Shreya बोली - 
Mummy बस प्रार्थना करो।
मैं इस रिश्ते को निभा पाऊं।

करन और कबीर दोनों हिचकिचाते हुए कार का दरवाज़ा बंद करते हैं।

Kabir (धीमे से ) बोला - 
हम तुम्हे काफी तकलीफ नहीं देंगे श्रेया।

Karan बोला - 
हमें भी यह शादी मजबूरी लगती है।
पर हम तुम्हारी इज्जत रखेंगे।

श्रेया कुछ नहीं कह पाती— सिर्फ सिर झुका लेती है।

 Thakur House Arrival

दोनों परिवार एकदम चुप। कोई डांस, हँसी, ठहाके नहीं। सिर्फ थकी हुई, भारी सांसें।

Chachi बोलीं - 
अरे, दुल्हन आओ बेटा”

आवाज़ में भी मजबूरी थी, खुशी नहीं।

 Wedding Night Twist (BEGINNING)

तीनों नई जिंदगी की दहलीज पर पहुंचे हैं… तीनों के मन में एक ही सवाल—
अब आगे कैसे होगा?
कैसे जिएंगे एक घर में, एक रिश्ते में, बिना किसी को चोट पहुँचाए?
कमरे का दरवाज़ा बंद होता है…
तीनों अंदर.
खामोशी इतनी कि दिल की धड़कनें भी तेज सुनाई दें।