Importance of residual chlorine in drinking water in Hindi Health by Paresh Dubey books and stories PDF | पीने के पानी मे अवशिष्ट क्लोरीन(Residual chlorine)का महत्व

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पीने के पानी मे अवशिष्ट क्लोरीन(Residual chlorine)का महत्व

पीने के पानी मे अवशिष्ट क्लोरीन(Residual chlorine)का महत्व

इन दिनों देश मे नगरीय निकायों द्वारा वितरित किये जा रहे पीने के पानी मे हनिकारक जीवाणुओं के होने व उसके कारण बीमारियां होने के समाचार सुर्खियों में है, इन्ही समाचारो को सुन दिमाग में  कई साल पुराने पढ़े गए विषय व आदरणीय प्रोफेसर सिहोरिवाला सर याद आ गए  ,इलाज से बेहतर हमेशा रोकथाम होती है इसलिए  बिना किसी शिकायत के पानी में residual chlorine जाँच कर पानी की क्वालिटी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Residual chlorine वो होती है जो वाटर tratmnet प्लांट पर पानी  में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को समाप्त करने को बाद बची रहती है ताकि वितरण प्रणाली में किसी  बेक्टेरिया के पुनः पनपने की परिस्थिति में ये क्लोरीन उस प्रदूषण को समाप्त कर सके। ये बहुत कम मात्रा में होती है ,{( 0.2 to 1) mg / liter }जो सवास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होती,

इसका होना या न होना एक तरह से पानी में जीवाणुओं के प्रवेश के इशारे का द्योतक होता है ,इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान  में के पढ़ाया और चेताया जाता है थ,पीने के पानी की लाइन में  residual chlorine का  होना महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि इसकी वजह से आने वाली थोड़ी गन्ध व हल्की स्वाद अच्छा नहीं लगता,पर इसका न होना बहुत महत्वपूर्ण ,व खतरे की घण्टी है,  क्योंकि  बची हुई क्लोरीन  पाइप लाइन में किसी भी कारणवश हुए बैक्टीरियल प्रवेश को मारने में उपयोग हो चुकी है,एवम किसी कारणवश लाइन में ज्यादा हानिकारक बेक्टेरिया मौजूद हो सकते हैं।

Turbidity के कारण मटमैला पानी देखकर ही व्यक्ति सावधान हो जाता  है ,लेकिन कई बार साफ दिखनेवाले  बेक्टरीअल इन्फेक्टेड पानी ज्यादा  हानिकारक होता है ।अगर  समय रहते  residual chlorine  की जाँच कर खतरे की घँटी सुन ली जाए , तो प्रारंभिक स्तर पर ही पानी मे प्रदूषण होने पर उसका कारण खोज निदान किया जा सकता है ।

पहले किसी समय मे पानी में chlorine की गंध या स्वाद महसूस किया है, लेकिन अब तो कभी भी ऐसी कोई गन्ध या स्वाद महसूस किया हो ,याद नहीं आता, जल शोधन संयंत्र से निकले शुद्ध पानी को घरों में पहुँचने तक के रास्ते में लीकेज आदि से हुए जीवाणु प्रदुषण को सम्बंधित विभाग शायद ही कभी नियमानुसार जांचता है ,घरों में लगी RO मशीनों के भरोसे ही बीमारियां दूर हैं।

जैसे पाइप लाइन में कड़वाहट पैदा कर प्रदूषण के खतरे की घण्टी बजाने वाली, क्लोरीन होती है  वैसे पहले समाज व व्यवस्था में व्याप्त प्रदूषण की ओर इशारा करने वाले करने व्यक्तियों को माननीय व आदरणीय माना जाता था, लेकिन अब माननीयों की परिभाषा व आदर्श बदल गए हैं ,कड़वाहट पैदा कर रंग में भंग करने वालों को पाइप लाइन से पहले ही निकालकर लूप लाइन में  डाल दिया जाता ।

अमूनन सभी विभागों में तकनीकी ज्ञान वाले अधिकारियों पर प्रशासनिक अधिकारी भारी होते है , व उनका हस्तक्षेप तकनिक ज्ञान वाले अधिकारियों को हतोत्साहित कर व्यवस्था के ढर्रे पर चलने पर मजबूर कर देता है , परिणामस्वरूप हर सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर जुगाड़ू अधिकारी बने रहते है ,जो तकनीकी पहलुओं के सख्त परिपालन के बनिस्बत येन केन कार्य पूर्ण कर उच्च अधिकारियों को खुश रखना चाहते है।

अर्थशास्त्र में करंसी से समबंधित नियम है "Bad money drives good money out of circulation "  इसी तरह समाज मे व्याप्त व्यवस्था में भी बुराई अच्छाई को बाहर कर रही है ।