थोड़ा तुम्हारा थोड़ा हमारा
सुमित और जूलिया दोनों एक दूसरे से बहुत प्रेम करते थे . वे जल्द ही अपनी नयी दुनिया बसाने का सपना देख रहे थे . एक शाम एक दूसरे का हाथ थामे पार्क की बेंच पर बैठे प्यार भरी बातें कर रहे थे . तभी बारिश शुरू हो गयी . पहले तो बारिश धीमी थी पर देखते देखते मूसलाधार हो गयी . दोनों दौड़ कर थोड़ी दूर पर स्थित एक झोंपड़ी में जा छिपे . अँधेरा हो चुका था पर बारिश थमने का नाम न ले रही थी . रह रह बादल गरज रहे थे और आसमान में बिजली चमक रही थी . दोनों के कपड़े भी गीले हो चुके थे . एक बार इतनी जोर से बादल गरजा और बिजली चमकी कि जूलिया डर के मारे सुमित के सीने से जा लगी . सुमित ने भी उसे अपने बाहुपाश में ले लिया . फिर उस अँधेरी शाम को दोनों ने अपना संयम खो दिया और एक दूसरे में खो गए .
“ सुमित , यह अच्छा नहीं हुआ . अभी हमारी शादी का कोई ठिकाना नहीं है और शादी के पहले यह सब गलत है . “ जूलिया ने सहज हो कर कहा
“ जूली , तुम घबराओ नहीं , मैंने मम्मी को अपने प्यार के बारे में बता दिया है . मुझे पूरी उम्मीद है कि वह मान जाएगी और पापा को भी मना लेगी . “
“ और अगर वे नहीं माने तो ? “
“ तुम शुरू में ही निगेटिव क्यों सोच रही हो , मैं आज ही घर जा कर बात करता हूँ . वे जरूर मानेंगे , आखिर उनकी अकेली संतान जो हूँ . “
सुमित ने जब घर जा कर अपनी माँ से जूलिया की चर्चा की तब माँ बोली “ तुम्हारे पापा की मर्जी के खिलाफ मैंने तुम्हें अंग्रेजी मिशनरी कॉलेज में इसीलिए पढ़ने भेजा था कि तुम उस अधर्मी लड़की से प्रेम का पाठ पढ़ो . मुझमें इतनी हिम्मत नहीं है कि मैं जूलिया की सिफारिश इनसे करूँ . अब तुम खुद जा कर बात करो . “
“ मम्मी , पापा ने भी तो तुमसे लव मैरेज किया था . “
“ पर हमारे जाति और धर्म एक ही थे , इसीलिए हमारी शादी भी हो सकी थी वरना तेरे दादा तो बंदूक थामे बेटे की कुर्बानी देने को तैयार थे . “
“ मम्मी तब ज़माना और था और अब काफी बदल गया है . और प्यार तो धर्म और जाति पूछ कर नहीं होता है . “
“ बहस करने से कोई फायदा नहीं है , तुम अगर अपने पापा को मना सके तो मुझे कोई एतराज नहीं है . अब तुम दोनों की किस्मत जाने . “
सुमित सिन्हा और जूलिया एक्का दोनों रांची शहर के जेवियर्स कॉलेज में पढ़ते थे . वहीँ दोनों में प्यार हुआ . ग्रेजुएशन के बाद सुमित आगे पढ़ने के लिए अमेरिका जाना चाहता था . सुमित अच्छे खाते पीते परिवार का लड़का था और जूलिया मध्यम वर्ग के आदिवासी ईसाई परिवार से थी . दोनों ही पढ़ने लिखने में अच्छे थे .
सुमित ने जब दबी जुबान में जूलिया की चर्चा अपने पापा विनोद बाबू से की तो वे जूलिया का नाम सुनते ही आग बबूला हो उठे . उन्होंने कहा “ मेरे जीते जी यह सपना देखना छोड़ दो . तुम्हें अपने भविष्य की चिंता नहीं है ? मैंने तुम्हारे अमेरिका जाने का इंतजाम कर लिया है . “
फिर उन्होंने अपने मित्र की बेटी की बात बताई जिसे वे पसंद करते थे .
“ पर पापा मैं जूलिया से प्यार करता हूँ . “ सुमित बोला
“ अभी बच्चे हो , इसीलिए मैं समझा रहा हूँ . जूलिया का बाप तो खुद हंड़िया के नशे में डूबा रहता है और उसने बेटी को खुला छोड़ दिया है तुम्हें फंसाने के लिए . तुम्हें अमेरिकन यूनिवर्सिटी से कॉल भी आया है . एक बार दिल्ली चल कर एम्बैसी से वीजा वगैरह फाइनल कर लो , उसके बाद शादी की सोचना . “
इस घटना के चंद दिनों के अंदर ही सुमित अपने माता पिता के साथ दिल्ली गया . वहां उनके व्यापारी मित्र ने उनलोगों के स्वागत में कोई कमी नहीं बरती . उनके घर में सभी फाइव स्टार सुविधाएं मौजूद थीं . अंजनी उनकी इकलौती संतान थी . अंजनी को एक लक्जरी कार ड्राइवर के साथ मिली थी . उसने ड्राइवर को छुट्टी दे दी और वह सुमित को ले कर कार से मॉल , क्लब , मूवी , होटल घूमने गयी . अंजनी कॉलेज ड्राप आउट थी , फिर भी सुमित उससे बहुत इम्प्रेस्ड था . जूलिया की तुलना में वह काफी सुन्दर भी थी .
दोनों परिवार में शादी की बात पहले से चल रही थी . अंजनी के पिता ने कहा “ विनोद , तुम्हारा क्या इरादा है ? सुमित वहीँ अमेरिका में सैट्ल करेगा या लौट कर इंडिया आएगा ? “
“ अब यह तो सुमित और अंजनी मिल कर तय करेंगे . “
“ तुम तो जानते ही हो , अंजनी मेरी एकमात्र संतान है . मेरी बस एक ही शर्त है , मैनेजमेंट कर सुमित इंडिया वापस आये और मेरा बिजनेस संभाले . वैसे अंजनी भी साथ रह कर बहुत कुछ बिजनेस के स्ट्रैटजी सीख गयी है , वह सुमित को शुरू में एस्टब्लिश होने में मदद कर सकती है . “
अंजनी वहीँ बैठी सब सुन रही थी , वह बोली “ आप बेकार चिंता न करें पापा . सुमित को मैं अमेरिका में ज्यादा दिन के लिए नहीं रहने दूंगी . “
सुमित को दिल्ली में छोड़ कर उसके माता पिता अपने शहर लौट आये .करीब एक महीने बाद जूलिया ने अपना पीरियड मिस किया तो उसको चिंता हुई . जूलिया की एक बड़ी बहन थी एंजिला , वह शादीशुदा थी . वह मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर दिल्ली में इंटर्नशिप कर रही थी . उसे बहन के बारे में पता चला तो वह घर आयी . उसने जूलिया को समझाया भी था कि सुमित पर भरोसा न करे . उसे किसी तरह पता चल गया था कि सुमित के पापा दिल्ली के किसी धनी व्यापारी मित्र की बेटी को पसंद करते हैं . लड़की वाले मुंहमांगी रकम भी दहेज़ में दे रहे हैं जिससे सुमित के अमेरिका जाने का सपना भी पूरा हो जायेगा .
बिना अपने माता पिता को बताये एंजिला जूलिया को ले कर सुमित के घर गयी और उसने सुमित और बहन के रिश्ते की जानकारी दी तो विनोद बाबू ने दोनों बहनों को काफी डांटा फटकारा और अपमानित कर के घर से निकाल दिया . विनोद बाबू ने सुमित को दिल्ली फोन कर बता दिया कि अचानक जूलिया की शादी तय हो गयी है . कुछ ही दिनों में वह शादी कर दूसरे शहर में चली जाएगी . एंजिला बहन के साथ वापस दिल्ली लौट आयी .
कुछ ही सप्ताह के अंदर आनन फानन में सुमित और अंजनी की शादी भी हो गयी . दोनों अमेरिका जाने की तैयारी करने लगे .
इधर एंजिला ने जूलिया से कहा “ अच्छा है कि तुम मेरे पास हो . चलो अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है , एबॉर्शन हो जायेगा . “
पहले तो जूलिया इसके लिए तैयार नहीं थी पर एंजिला की डांट फटकार और काफी समझाने पर तैयार हुई . जूलिया का एबॉर्शन हुआ . पर उसके दो महीने बाद एंजिला ने उसके पेट में उभार देखा . उसे कभी पेट में दर्द रहता तो कभी थोड़ा ब्लीडिंग भी हुई . एंजिला उसे ले कर डॉक्टर के पास गयी . डॉक्टर ने दवाइयां दे कर कहा इन से जूलिया को आराम मिलेगा . पर एक महीने बाद एक बार फिर जूलिया को पेट में काफी दर्द महसूस हुआ . इस बार उसे दिल्ली के अच्छे अस्पताल में दिखाया गया . अल्ट्रा साउंड किया गया तो पता चला कि उसके पेट में अभी भी एक बच्चा पल रहा है . बच्चा सभी तरह से सुरक्षित था . सभी आश्चर्यचकित थे . डॉक्टर ने बताया कि कभी कभी ट्विन बेबी के एबॉर्शन के दौरान चूक होने से ऐसा हो सकता है . अगर चाहें तो फिर एबॉर्शन किया जा सकता है पर कम्प्लीकेशन हो सकता है . बच्चा बिलकुल स्वस्थ है , बेहतर है आप इसे रहने दें .
जूलिया ने भी इस बच्चे को जन्म देने का फैसला किया . सौभाग्यवश एंजिला का एक सीनियर विधुर जूलिया से शादी के लिए भी तैयार हो गया . उन दोनों की शादी हो गयी .जूलिया अपने पति के साथ अब नैनीताल में थी .
समय पर जूलिया ने एक बेटी को जन्म दिया . उधर सुमित इन सब बातों से अनभिज्ञ था .
कालचक्र अपनी गति से चल रहा था . लगभग तीन साल बाद सुमित वापस इंडिया लौटा . वह दिल्ली में ही अपने ससुर का बिजनेस देखने लगा .इस बीच सुमित और अंजनी को एक बेटा हुआ . जूलिया की बेटी सिमी और सुमित का बेटा कैलाश , दोनों बच्चे नैनीताल के मशहूर स्कूल में पढ़ रहे थे . सुमित और अंजनी गर्मी के मौसम में कुछ दिनों के लिए नैनीताल जाते थे पर उनकी मुलाक़ात जूलिया से नहीं हुई थी . हाँ , एक दो बार उन्होंने कैलाश और सिमी को साथ देखा था .
देखते देखते सिमी और कैलाश दोनों रुड़की के इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने गए . सिमी कैलाश से एक साल सीनियर थी . सुमित कभी बेटे से मिलने आता तो एक दो बार उसने बेटे को सिमी के साथ देखा . जूलिया ने भी एक दो बार दोनों को साथ देखा था पर सुमित और जूलिया का कभी आमना सामना नहीं हुआ था .
दूध का जला मठ्ठा भी फूंक कर पीता है . जूलिया ने सिमी को आगाह कर दिया था कि किसी गैर धर्म वाले लड़के से दोस्ती कर सकती हो पर ज्यादा मेल जोल नहीं बढ़ाना . यह बात सिमी के मन में बैठ गयी थी हालांकि सिमी या कैलाश किसी को अपने वास्तविक रिश्ते का तनिक भी पता नहीं था न ही सुमित या अंजनी को सिमी के माता पिता के बारे में .
सिमी ने कैलाश के साथ अपने रिश्ते को दोस्ती के दायरे में सीमित रखा . एक दिन जब कैलाश ने सिमी का हाथ पकड़ कर कहा “ मुझे तुम से कुछ कहना है . “
सिमी ने हाथ छुड़ाते हुए कैलाश से कहा “ तुम्हें जो भी कहना है सोच समझ कर कहना . एक बात की गिरह बाँध लो , मेरी मम्मी दूसरे धर्म में मेरी शादी किसी भी कीमत पर नहीं कर सकती है . मैं भी उनके फैसले से सहमत हूँ . मैं नहीं चाहती कि हमारी दोस्ती भी टूट जाए . अगर दोस्ती मंजूर है तो आगे भी मिल सकते हो वरना मैं भी मजबूर हूँ . “
कैलाश को ऐसे रूखे जवाब की उम्मीद नहीं थी . वह थोड़ा सहज हो कर बोला “ ओके , मैं समझ गया . मुझे तुम्हारी दोस्ती मंजूर है , मुझे तुमसे और कुछ नहीं चाहिए . “
इसी बीच जूलिया के पति का दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो गया . सिमी ने नैनीताल के पास एक फैक्ट्री में नौकरी ज्वाइन किया . सुमित ने भी अपना एक नया फ़ूड प्रोसेसिंग प्लांट नैनीताल में लगाया . उसका बेटा कैलाश ही इस प्लांट का मैनेजिंग डायरेक्टर था .
कुछ वर्ष बाद सुमित की पत्नी को पीलिया रोग हुआ . काफी उपचार के बावजूद अंजनी को बचाया न जा सका . कैलाश अपने पिता के साथ मिलकर सारे बिजनेस की देखभाल करने लगा . सुमित को नैनीताल से विशेष लगाव था . गर्मी में कम से कम दो तीन सप्ताह के लिए वह यहाँ आ कर अपने कॉटेज में छुट्टियां बिताता था .
उसके कॉटेज से थोड़ी दूर पर एक कब्रिस्तान था . उस दौरान अक्सर वह देखता कि एक लड़की उस कब्रगाह में जा कर एक कब्र पर फूल चढ़ाती और मोमबत्ती जलाया करती . वह लड़की उसे जानी पहचानी लगी . लगातार कुछ वर्षों तक यह सिलसिला चलता रहा था .
एक बार सुमित उस लड़की के पास गया तो उसे पहचानने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई , वह कैलाश की फ्रेंड सिमी थी . सिमी ने बताया कि वह अपने पिता की कब्र पर अक्सर आ कर उन्हें याद करती है और श्रद्धांजलि देती है . उसने जब सिमी से उसकी माँ के बारे में पूछा तो उसने कहा “ अंकल , एक दुर्घटना में मेरी मम्मी का पैर ख़राब हो गया है , वह अब व्हील चेयर पर चलती है . वह यहाँ आना चाहती है , पर मैं उसे किसी तरह से न आने के लिए मना लेती हूँ . “
सुमित और जूलिया दोनों की उम्र 55 के करीब थी . इस बार जब सुमित गर्मियों में नैनीताल आया तो उसने देखा कि कार से सिमी के साथ व्हील चेयर पर एक औरत भी उतरी . सिमी व्हील चेयर को ठेलते हुए अपने पिता की कब्र तक गयी और दोनों ने श्रद्धांजलि दिए .
सुमित अपने कॉटेज से निकल कर धीरे धीरे वहां पहुंचा . उस औरत को वह बहुत देर तक एकटक देखता रहा . वह औरत भी उसे देखती रही . दोनों की आँखों से आंसू की धारा निकल रही थी . यह दृश्य देख कर सिमी को बहुत आश्चर्य हुआ . वह औरत कोई और नहीं जूलिया ही थी . सिमी को अभी तक मामला कुछ समझ में नहीं आ रहा था .
जूलिया ने कहा “ सिमी बेटे ये मेरे पुराने फ्रेंड है , तुम्हारे सुमित अंकल . “
सिमी ने उन्हें नमस्कार किया . जूलिया ने सुमित से कहा “ आज सिमी के पापा की पुण्य तिथि है . तुम यहाँ कैसे ? आजकल तुम्हारा परिवार कहाँ है . “
“ परिवार के नाम पर बस एक बेटा कैलाश है . रूड़की से इंजीनियरिंग कर आजकल बिजनेस में इतना बीजी रहता है कि बहुत मुश्किल से वह कहीं आता जाता है .
. “
सिमी बोली “ कैलाश आपका बेटा है ? उसे नहीं देख रही हूँ . “
“ वह दो दिनों के बाद यहाँ आने वाला है . “
सिमी ने जब व्हील चेयर को पुश करना चाहा तो सुमित ने उसे हटा कर कहा “ आज यह काम मुझे करने दो . “
सिमी उसे सवालिया निगाहों से देर तक देखती रही . सुमित बोला “ थोड़ी देर के लिए मेरे कॉटेज चलो , वहां चाय कॉफ़ी लेंगे . तुम थोड़ी देर आराम कर लेना और कुछ पुरानी बातें करेंगे . “
सिमी जुलिया को सुमित के यहाँ ड्राप कर बोली “ मम्मी , मैं कुछ देर के लिए अपने एक फ्रेंड के यहाँ से हो कर आती हूँ तब तक आप अपने फ्रेंड से बातें करें . “
सुमित ने जूलिया से पूछा “ सिमी तुम्हारी बेटी है ? “
“ थोड़ी तुम्हारी और थोड़ी मेरी . “
“ क्या मतलब ? “
“ सिमी हम दोनों की बेटी है . “ उसने रोते हुए कहा
इसके बाद जूलिया ने सारी आपबीती उसे सुना दी और कहा “ सॉरी , मैंने दूसरे बच्चे को जन्म देने के पहले ही मार दिया था . “
“ तुमने मुझे पहले यह सब क्यों नहीं बताया . मैं अगर सच जानता तो यह नौबत नहीं आने देता . मुझे तो बताया गया कि तुमने शादी कर अपना घर बसा लिया है . “
“ और मुझे बताया गया कि तुम शादी कर अमेरिका चले गए हो . “
“ सिमी को सच्चाई पता है ? “ सुमित ने पूछा
जूलिया ने कहा “ नहीं , मैंने जरूरी नहीं समझा . “
“ नहीं , अब तो उसे बता देना चाहिए . “
थोड़ी देर में सिमी आ गयी और जूलिया उसके साथ चली गयी . सुमित ने उसे खुद व्हील चेयर के सहारे कार में जा कर बैठाया और विदा किया .
उसी रात सुमित को दिल कर दौरा पड़ा . वह आई सी यू में था . समय पर उपचार मिलने से ख़तरा टल गया . सुबह जब सुमित ने आँखें खोली तो बेड के बगल में व्हील चेयर पर जूलिया को देखा . दूसरी तरफ सोफे पर कैलाश और सिमी बैठे थे . जूलिया ने दोनों को सच बता दिया था .
सुमित ने जूलिया से कहा “ तुम्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था . तुम खुद इतनी परेशानी में हो . कैलाश है न देखभाल के लिए . “
“ हाँ , कैलाश है और उसके साथ उसकी बड़ी बहन सिमी भी है . “
सुमित आँखें फाड़े खामोशी से सब को देखे जा रहा था . कुछ देर बाद बोला “ तो तुमने हमारी कहानी बच्चों बता दी है . “
“ हाँ पापा , ऑन्टी ने सब कुछ बता दिया है . और हमें पता है कि इस कहानी के हीरो और विलेन दोनों आप ही हैं . “ कैलाश ने जब कहा सिमी ने भी सर हिला कर हामी भरी .
“ पर सारा दोष क्या सिर्फ तेरे पापा था ? “ सुमित ने बेटे से पूछा
“ नहीं , न हमारा न तुम्हारा . दोष किस्मत का है . “ जूलिया ने बीच में बात काटते हुए कहा
“ अब बीती बातें भूल कर आपलोग सेकंड इनिंग शुरू करें और हम बॉउंड्री पर एक्स्ट्रा प्लेयर की तरह आपलोगों को देखते रहेंगे . “
दो दिन बाद ही सुमित अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया . डॉक्टर ने कैलाश से कहा “ देखो पापा को किसी तरह का टेंशन नहीं होने देना . उनके लिए स्ट्रेस जानलेवा हो सकता है . “
“ हम अपने पापा के साथ ऐसा नहीं होने देंगे . “ सिमी और कैलाश ने एक साथ कहा
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नोट - यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है .