First unspoken love in Hindi Short Stories by ch Devendra books and stories PDF | पहला अनकहा प्यार

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पहला अनकहा प्यार

पहला प्यार लव एट फर्स्टसाइट ये बहुत लोगों को हुआ है, बहुतों ने इसे फिल किया है कुछ का आगे बढ़ा और कुछ का नहीं एसा फिल मुझे भी हुआ जब मैं तुम्हें पहली बार देखा पार्टी में वही मिश्रा अंकल की बेटी की मैरेज फंक्शन पार्टी में तुम तब पिंक ड्रेस में बहुत सुंदर लग रही थी, तुम तुम्हारी सहेलियों से बाते कर रही थी, तुम्हें हंसते हुए देखकर मैं तुम पर ही खो गया था सिर्फ मैं ही नहीं वहां का हर लड़का तुम्हें ही देख रहा था चुपके चुपके और औरते भी तुम्हारे बारे में बात कर रही थी मैं तो सिर्फ तुम्हें ही देख रहा था तुम्हे निहार रहा था कुछ समय बाद में आइसक्रीम खाने चला गया तो अचानक मुझे पीछे से किसी ने पुकार और मैं जब पलट कर देखा तो तुम थी मैं तुम्हें देखता रह गया तब तुमने मुझसे पूछा सुनो यहा कुल्फी का स्टॉल कहां पर है फिर मैंने कहा वह पानी पुरी के बगल वाला फिर तुमने मुझे थैंक यू करके चली गई मैं तुम्हें जाते हुए देख रहा था फिर मैं जब कोई भी किस्तों के पास पहुंचा तब तुम कोई भी लेकर मेरे पास ही आ गई और कह कुल्फी स्टॉल के बारे में बताने के लिए थैंक्स मैंने कहा इट्स ओके, तुमने कहा यह पार्टी में लोग बहुत सच के समय के आते हैं जो बहुत ज्यादा होता है मॉम ने भी मुझे बहुत ज्यादा सजनी को कहा फिर कुछ ज्यादा नहीं होता मैं तो तुम्हारी बातों में खो गया था फिर मैं तुम्हें देखकर कहा तुम बहुत सुंदर लग रही हो फिर तुमने मुझे देखकर मुस्कुरा दिया फिर अपनी कोई भी खत्म करने के बाद मुझे बाई कह कर चली गई फंक्शन में आंटियों तुम्हें बात कर रही थी कि तुम अपनी मां बाप की लड़की बेटी हो और इस लिए वो तुम्हार हर ज़िद को पूरी करते है, फंक्शन खत्म होने के बाद मे घर चला गया ।
अगले दिन मेरे घर को गीता आंटी आई वो मेरी मां से बात तब मैने सुना कि वो तुम्हारे बारे ही बात कर रही थी तुम्हारा नाम सीमा है तुम कॉमर्स की स्टूडेंट हो तुम्हारे घर वाले तुम्हारे लिए रिश्ता देख रहे है पर तुमने शादी करने से मना कर दिया तुम मॉडर्न लड़की हो तुम्हार इंटरेस्ट फैशन में है वगैरा वगैरा, तब मुझे पता चला कि तुम्हारा नाम सीमा है सच तो पता नहीं क्यों मुझे इस बात से बहुत खुशी हुई कि तुम शादी करने से मना कर दिया है। 
एक दिन जब मे पार्क घूम रहा था तब मुझे वहां तुम दिखाई तुम्हें देखकर मैं चौंक गया था फिर तुमने मेरी और आकर मुझे कहा है "हाय तुम यहां क्या कर रहे हो" मैंने जवाब दिया" हाय तो मैं यहां माइंड फ्रेश करने आया हूं" फिर तुम में पास बैठ गई और मुझसे कहा कि उसे दिन फंक्शन में वह कोई भी बहुत टेस्टी देना पर वह पानी पुरी उतना टेस्टी नहीं था मैं तुम्हारी बातों में हां कहता चला गया मुझे इस बात की खुशी थी कि तुम्हें बात देती थी और इस बात की भी टेंशन थी की पहली बार कोई लड़की में इतनी करीब आई है और लोग कहीं मेरे मां और पापा को कहना दे पर मुझे इस बात की बहुत खुशी थी कि तुम मेरी करीब तो आई कुछ समय बात करने के बाद तुम पार्क से चली गई और मैं घर चला आया पर मुझे बहुत खुशी हुई
उस दिन से मैं तुमसे महीने की बहन है ढूंढता रहा फिर एक दिन जब रिंकी की मैरिज फंक्शन का इनविटेशन आया तब मैं वहां जाने में कोई इंटरेस्ट नहीं था पर जब मुझे यह पता चला कि रिंकी के पापा और तुम्हारे पापा दोस्त है तो मैं किसी और था कि तुम पार्टी में जरूर आओगे इसलिए मैं पार्टी को आने के लिए तैयार हो गया और पार्टी में आने के बाद में सिर्फ और सिर्फ तुम्हें ही ढूंढ रहा था पर मुझे तुम वहां नहीं दिखी फिर मैं मायूस होकर खाने चला गया पानी पुरी तब मेरे कानों में हंसने की आवाज गूंजी पीछे पद के देखता हूं तो वहां तुम थे तुम रिंकी से बात कर रही थी सच कहूं उसे दिन तुम इतनी सुंदर लग रही थी कि मैसेज फंक्शन तो रिंकी का था पर तुम दुल्हन रख रही थी और कुछ देर बाद तुमने मेरे पास आकर मुझसे कहा है तुम कैसे हो बहुत दिन से तुम्हें देखा नहीं है फिर मैंने कहा वह मैं तो काम में बिजी था अभी तुमने कहा ऐसे हम फंक्शन के दोस्त हैं ना यह कहकर तुम फिर से कुल्फी खाने चालीगई , पार्टी में हम दोनों खूब बात किया और पार्टी खत्म होने के बाद हम अपने अपने घर चले गए , तब से हर मे पार्टी जहां तुम जाने वाली थी या जाती थी वह मे भी जाता था तुमसे बात करने तुम्हें देखने। मोहल्ले हर आंटी के जुबान पर पर सिर्फ तुम्हारा ही नाम का ही टॉपिक था वे तुम्हारे बारे बात करते थे तुम कितनी सुन्दर हो, और कुछ कहते तुम कुछ ज्यादा ही मॉडर्न हो लड़की को ज़्यादा मॉडर्न नहीं होनी चाहिए वगैरा मैं इन बातों में ध्यान नहीं देता था तुम्हें पता है ततुम पर सिर्फ मैं ही नहीं बल्कि कॉलोनी का हर लड़का तुम पर मरते था, फिर वही हुआ जो होना था तुम्हारे पापा की प्रेम से हो गई और तुम चली गई मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी यादों में रह गया मेरी यह फर्स्ट वनसाइडेड लाइव मेरे अंदर ही रह गया, आज सीमा नाम सुनता हूं तो तुम्हारा ही चेहरा आता है और जभी मुझ से फर्स्ट लव के बारे में बात करता है तो तुम्हारी ही याद आती है ।