Adhura Pyaar - 2 in Hindi Love Stories by Priya books and stories PDF | अधूरा प्यार - भाग 2

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अधूरा प्यार - भाग 2

तभी प्रिया ने उस एड के लिंक पर जिज्ञासावश किल्क किया।
जो की उसे उस वेबसाइट पर ले गया...उसने सर्च का बटन दबाया और कुछ ही समय में परिणाम उसके सामने था।

उस साइट पर बहुत सारे लड़के लड़की का बायोडेटा मौजूद था....प्रिया ने उन सभी के बायोडेटा को चेक करना शुरू किया....वह सभी बहुत ही कुलीन घर के पढ़े लिखे लोग थे।उसने जैसे ही पांचवी प्रोफाइल को चेक करना शुरू किया..
उसे एक मैसेज आया की आगे की प्रोफाइल को देखने के लिए उसे बेवसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। 

उस दिन प्रिया को ज्यादा काम नहीं था तो उसने सोचा की उसे बेवसाइट पर अपनी प्रोफाइल बना ही लेनी चाहिए ।और फिर तन्वी,आध्या, सिया भी तो यहीं कह रहे थे...उसने मन में सोचा।
उसने कुछ ही देर में वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बना ली और अपनी एक सुन्दर सी फोटो प्रोफाइल पर लगा दी।

उसने प्रोफाइल पर सभी पंजाबी लड़को का विकल्प चुना। 
देखते ही देखते हजारो की संख्या में तस्वीरे आने लगी...वो एक एक करके सभी प्रोफाइल को चेक कर रही थी।ऐसा करते हुए उसकी आँखे थक गई। उन प्रोफाइल में से कुछ लोगो की प्रोफाइल उसे  पसंद आई जिससे वो सम्पर्क करना चाहती थी।लेकिन इस वेबसाइट पर फ्री जैसा शब्द नहीं था...हर चीज के पैसो का भुगतान पहले करना होता था।


किसी से भी बात करने के लिए वेबसाइट पर वन ईयर का चार हजार रूपए का डिपॉजिट करना था।

बिल्कुल नहीं....प्रिया ने ये देखकर अपने आप से कहा।

ये वेबसाइट प्रिया के अनुभव की एक शुरूआत थी। तन्वी, सिया, आध्या के अलाव उसकी प्रोफाइल इस साइट पर हैं ये बात कोई नहीं जानता था...यहाँ तक प्रिया के मम्मी पापा भी नहीं। 
क्योकी प्रिया को डर था की अगर उन्हे ये पता चलेगा की वह शादी के बारे में सोच रही हैं तो .....तो वह ये बात पूरी दुनियाभर में बता देगे। और फिर उसकी शादी के पीछे पड़ा जायेंगे जबकि वह अभी थोड़ा समय चाहती थी,,,चीजों को समझने के लिए। 


आह ! मुझे इस बात से चिढ़ होती हैं। प्रिया ने चेयर पर सर टिकाते हुए कहा।

प्रोफाइल बनाने के कुछ दिनों के बाद ही उसे कई लोगों के प्रस्ताव मिले....लेकिन उनमें से ज्यादातर लड़के उसे पसंद नहीं आया...और जो पसंद आये उन्होने कई और लोगों से पहले ही सम्पर्क कर रखा था।

'आह!!...ये वेबसाइट मेरे किसी काम की नहीं'...प्रिया ने चिढ़कर अपने आप से कहा

इस तरह वह वेबसाइट प्रिया की नजरो से पूरी तरह से ऊतर गई। 
दिन बीतते गए...अब प्रिया उस वेबसाइट पर सप्ताह में एक या दो बार ही विजिट करती थी।

फिर एक शाम प्रिया के फोन पर एक मैसेज आया। 

'हाय..! मैं राज मुझें आपकी प्रोफाइल बहुत अच्छी लगी क्या हम काॅल पर बात कर सकते हैं?

जब प्रिया को ये मैसेज मिला तब वह कोर्ट में अपने क्लाइंट के एक केस की स्टडी कर रही थी ।

उस मैसेज में मोबाइल नंबर और ईमेल भी दिया हुआ था।प्रिया ने जवाब में मैसेज किया....मैं अभी बिजी हैं...मैं आपको आधें घंटे बाद काॅल करती हूँ। 

अगले ही पल मेरे फोन पर एक और मैसेज फ्लैश हुआ...
मैंने भी अभी अपनी मीटिंग खत्म की हैं तुम भी अपना काम खत्म कर लो मैं तब तक तुम्हारा इंतजार करता हूं।


कुछ ही देर बाद प्रिया ने अपना काम खत्म करके उसने दिए गए नम्बर पर काॅल किया...लेकिन उससे पहले उसने उस लड़के की प्रोफाइल देखी।

हेल्लो!..फोन के दूसरी तरफ से एक विनम्र और खूबसूरत सी आवाज आई.....

'हाय! मैं प्रिया बोल रही हूँ '

'और मैं राज'.....उसने प्यारी और आत्मविश्वास से भरी आवाज से कहा।


साॅरी मैने आपको इंतजार करवाया....वो मैं एक क्लाइंट के केस की स्टडी में बिजी थी।

कोई बात नहीं...इसी बीच मैंने भी अपने बचे हुए काम पूरे कर लिए। 

प्रिया और राज की बातचीत शुरू तो हुई थी नार्मल बातों से ही लेकिन वो जल्द ही राज से बात करने में सहज हो गई। 

बातों बातों में प्रिया को राज के बारे पता चला की राज की  उम्र 28 साल हैं और वह एक बिजनेसमैन हैं । जो मुम्बई में रहता हैं लेकिन उसकी फैमली पंजाब में रहती हैं और वो अक्सर अपनी फैमली से मिलने वहां जाता रहता हैं। 


प्रिया ने कहा-- आपका सितंबर मंथ में जन्म हुआ हैं...?प्रिया ने उसकी प्रोफाइल को गौर से देखते हुए कहा।

राज -- 'हां! 12 सितम्बर को ...कोई खास बात ?'

प्रिया ने कहा---'हो सकता हैं आपने ध्यान दिया हो मेरे जन्म का महीना भी वहीं हैं'

'ओह! हां, 13 सितम्बर,,, मैंने देखा था।
आप पंजाब में पैदा हुई थी...राज ने कहा।

जी हां...और आप भी वहीं के हैं..आपकी प्रोफाइल में देखा मैंने ।
मैं आपको बताऊ हमारे बीच और बातें हैं जो मिलती हैं।

जैसे क्या? प्रिया ने पूछा

जैसे...म्यूजिक...मैने आपकी प्रोफाइल में देखा आपको गाने का शौक हैं ....मुझें भी हैं, सच पूछिए तो यही रिजन था जो मैंने आपसे बात करने की सोची,  'राज ने धीरे से कहा'।

ओह! अच्छा ऐसी बात हैं...लेकिन संगीत तो मैंने बचपन में बस शौक के लिए कुछ एक दो साल ही सीखा था...मैं प्रोफेशनल सिंगर नहीं हूँ....शायद आपको जिस लड़की की तलाश हैं वो मैं नहीं हूँ , 'प्रिया ने सपाट शब्दो में कहा'


अरे! ऐसी बात नहीं हैं, मैं तो बस हमारी बीच की समानताए बता रहा था...' मैं तो भूल ही गया आप तो एक लाॅयर हैं तो मैं आप से बातों में कैसे जीत सकता हूँ...एम आई राइट प्रिंसेस

..जी!!...बिलकुल सही कहा आपने...हम वकील हैं...लेकिन प्रिंसेस नहीं...

आपको ये नाम अच्छा नहीं लगा क्या...?

नहीं ऐसी बात नहीं लेकिन...

लेकिन क्या???

जी...कुछ नहीं...।

अच्छा!..बहुत खूब जवाब दिया आपने ..राज हंसने लगा

यह राज की प्रिया के साथ पहली बातचीत थी। एक ऐसी लड़की से जिसे उसने अभी तक देखा भी नहीं था...प्रिया की प्रोफाइल पर भी उसकी कोई फोटो नहीं थी..वहां पर बस पारिजात के फूल की सुन्दर सी एक फोटो थी। राज  को ना जाने क्यों बस उसके प्रोफाइल को देखकर उससे बात करने का मन हुआ...कारण उसे भी पता नहीं था।

वो दोनों करीब एक घन्टे तक फोन पर बात करते रहे।  राज की फोन की बैटरी अपनी अतिंम सांस ले रही थी। उसने अपने कान के पास अपने फोन के गर्म होने की जलन को महसूस किया।...लेकिन वह अब भी बात करना चाहता था।
लेकिन उसे ना चाहते हुए भी कहना पड़ा...

सुनो!....हम फिर बात करेंगे...मेरी बैटरी खत्म होने वाली हैं,आई होप हम फिर से बात करेंगे 

आपकी बैटरी.....प्रिया ने हंसते हुए कहा। 
मेरा मतलब है मेरे मोबाइल की...इतना बोलकल राज भी मासूमियत से हंसने लगा।