Prapanch Tantra - 1 in Hindi Business by R Mendiratta books and stories PDF | प्रपंच तंत्र - 1

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प्रपंच तंत्र - 1

प्रपंच तंत्र...सांड ,बुलशिट और मुर्गा

(यह सीरीज जीवन के अनुभवों से ली गई कहानियां है जो प्रतीकात्मक भी हो सकती है,प्रबन्धन से जुड़े लोग भी इनका आनन्द लें )

(बॉस को बुलशिट यानी बकवास करने की आज़ादी तो नहीं होती पर यह छूट वह ले ही लेते है ,क्या किया जाए ?)

एक चीफ मैनेजर थे बैंक में ,नाम का क्या बंडल बाज़ शर्मा रख लेते है। आदत से मजबूर अपने स्टाफ को बुलशिट करते रहते ।वह बेचारे सुनते और अपने भाग्य को रोते।
इस स्टाफ में एक लोन अफसर भी था राम लुभाया नाम का।वह महत्वाकांक्षी था और बुलशिट तो सुनता ही था शर्मा की।
     शर्मा उस पर ज़्यादा मेहरबान थे यानी ज़्यादा बुलशिट पर राम लुभाया क्या करे?
     एक किसान संत राम की दो लाख लोंन की अर्जी थी वह सालों से  पेंडिंग पड़ी थी और अर्जियों के साथ क्योंकि यह सब शर्माजी ने क्लियर नहीं की थी।
    अब हुआ यह कि शर्मा जी के सेवा निवृत्त  होने से पहले एक इंक्वायरी बिठा दी गई पर छूट गए।
     पर राम लुभाया उसी में फंस गया और उसकी प्रोमोशन रोक दी गई।
कालांतर में शर्मा जी और राम लुभाया मृत्यु को प्राप्त हुए ,राम लुभाया की अंतिम इच्छा थी कि प्रोमोशन मिले किसी अच्छे पद पर।
   अगले जनम में शर्मा जी का मुर्गे की योनि में जन्म होता है और राम लुभाया एक सांड के रूप में संत राम किसान के यहां जनम लेता है। संत राम नए जन्म में भी किसान है ,नाम भी वही है।
     पिछले जन्म के प्रभाव के कारण शर्मा जी मुर्गे तो बने है पर इधर उधर घूमते रहते है क्योंकि पहले भी वह काफी  टूर करते रहते थे।संत राम उस मुर्गे से परेशान है।
     सांड जी का ज़्यादा काम नहीं है तो वह ज़्यादा समय जुगाली करने में ही निकाल देते है।
     अब एक दिन छिपते छिपाते मुर्गा जी सांड से कहते है कि भाई साब मुझे ऊपर पेड़ की डाल पर बैठना है ।क्या करूं ?
   पिछले जनम में सांड जी काफी बुलशिट खा चुके थे जब शर्मा जी चीफ मैनेजर थे  तो यह सुनहरी मौका क्यों गवांए ? (दोनों को कुछ कुछ याद भी होंगी पुराने जन्म की बातें पर हमे क्या ?)
   ।सांड जी मुर्गे से कहते है कि भाई,मेरी पॉटी यानी बुलशिट खाया करो,बहुत पौष्टिक होती है । फ्री में खाओ खूब खाओ।
     मुर्गा मान जाता है और बुलशिट खाने लगता है
इसका असर भी होता है जल्दी ही मुर्गा निचली डाल पर बैठना शुरू कर देता है फिर और ऊंचा फिर और यानी उसकी ऊपर उड़ने की इच्छा पूर्ण होती है।
    एक दिन मुर्गा जी सबसे ऊपर की डाल पर बैठा होता है तो संत राम जो उसे कब से ही तलाश कर रहा होता है उसकी नज़र पड़ जाती है। एयर गन से फौरन उसे मार देता है और चिकन कबाब  बना लेता है उसका।
क्या आप कोई और ending सोच रहे the... नहीं न 
तो आप बताए केसी थी य़ह स्टोरी.. 
(शिक्षा ...यह शिक्षा मिलती है कि बुलशिट  से आपकी प्रोमोशन तो शायद हो जाय पर ऊपर ज़्यादा समय तक रह पाए इसमें संदेह है ,सब लोग इसका ध्यान रखें)