government news like jalebi in Hindi Anything by R Mendiratta books and stories PDF | सरकारी समाचार जलेबी जेसे

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सरकारी समाचार जलेबी जेसे

सरकारी समाचार खुशी देते हैं 

( जलेबी जैसे टेढ़े मेढे समाचार,मीठे भी)
आज पूरे देश मे सूर्य खिला हुआ है,बारिश के आसार नही हैं ,पर विपक्ष इस पर अफवाहे फेला रहा है
हर तरफ मस्ती छाई है
पक्षी भी काफी खुश लग रहे हैं
लोग कविता गुन गुना रहे है. 
सूरज की मुस्कान और विपक्ष की अफवाहें

सूरज की किरणें जब धरती पर आईं,
हर तरफ मस्ती की बयार छाई।
पक्षी भी चहकते, गाते खुशी के गीत,
लोगों के चेहरों पर मुस्कान, जैसे हो कोई मीत।

विपक्ष ने कहा, "ये तो है बस छलावा,
सूरज की चमक में भी है कोई दगाबाज़ी का दावा।"
लोग हंसे, बोले, "ये तो है बस बहाना,
सूरज की रोशनी में भी ढूंढते हो तुम सियासी खाना।"

बच्चे खेल रहे थे, पार्क में मस्ती,
बूढ़े भी बैठे थे, कर रहे थे हंसी।
कविता की पंक्तियाँ गुनगुना रहे थे सब,
सूरज की रोशनी में, जैसे हो कोई जादू का रब।

पक्षी बोले, "हम तो खुश हैं बहुत,
सूरज की रोशनी में, उड़ते हैं हम हर रोज़।"
लोगों ने कहा, "विपक्ष की बातों में न आओ,
सूरज की रोशनी में, बस मस्ती मनाओ।"

सूरज की किरणें जब धरती पर बिखरीं,
हर तरफ खुशियों की लहरें उठीं।
पेड़-पौधे भी झूम उठे, फूलों ने मुस्कान बिखेरी,
हरियाली ने भी अपनी छटा बिखेरी।

विपक्ष ने फिर कहा, "ये तो है बस दिखावा,
सूरज की चमक में भी है कोई छुपा हुआ घाव।"
लोगों ने कहा, "तुम्हारी बातों में दम नहीं,
सूरज की रोशनी में, बस खुशियों का ही गम नहीं।"

बच्चों ने पतंगें उड़ाईं, आसमान में रंग बिखेरे,
बूढ़ों ने भी अपनी यादों के पन्ने खोले।
कविता की पंक्तियाँ गूंज उठीं हर ओर,
सूरज की रोशनी में, जैसे हो कोई स्वर्णिम भोर।

पक्षी बोले, "हम तो उड़ते हैं ऊँचे आसमान में,
सूरज की रोशनी में, हर दिन नए अरमान में।"
लोगों ने कहा, "विपक्ष की बातों को भूल जाओ,
सूरज की रोशनी में, बस मस्ती में डूब जाओ।"

तो दोस्तों, आज का दिन है खास,
सूरज की रोशनी में, हर कोई है पास।
विपक्ष की अफवाहों को छोड़ो,
सूरज की रोशनी में, बस मस्ती में डूबो।

इस हास्य रचना के साथ, आप भी मुस्कुराइए और इस खूबसूरत दिन का आनंद लीजिए! 😊

अब आप भी इस कविता का आनंद लें और अपने दोस्तों के साथ साझा करें। क्या आपको भी ऐसा कोई मजेदार अनुभव हुआ है जिसे आप साझा करना चाहेंगे?
अभी समाचार आया है कि कोरोना की तीसरी लहर महज अफवाह थी
मौत के कुछ आंकड़े भी विपक्ष ने फेला दिये है
उन पर यकीन मत कीजिये
असल मे कोरोना कभी भारत आया ही नहीं,
सभी धार्मिक यात्राओं की इजाज़त दे दी गई है
पेट्रोल कीमत के बारे मे जिन विपक्षी पत्रों ने अफवाह फेलाई उनके खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है
सौ फीसदी कोरोना मुक्त है  भारत
हर जिले मे दस हॉस्पिटल हैं,हर एक पूरी तरह से हर उपकरण से लैस है
कुछ पत्र उल्टे सीधे समाचार दे रहे है इनके खिलाफ सरकार कुछ नही कर रही है पर टैक्स अधिकारी इनके साथ चाय आदि पी रहे हैं
यही ट्रेंड रहेगा तो बड़े बड़े उद्योगपति भी सरकार के साथ आ जाएंगे और देश की तरक्की करेंगे,सभी ठेके उन्ही को दिये जाने की भी योजना है। देश की तरक्की यानी सरकार को क्रेडिट मिलना तय है 
आप यही समाचार सुनते रहिये
अफवाहों पर ध्यान मत दीजिये
आप को ज्ञात हो कि 
सरकारी समाचार न सुनना गलत भी है 
शुभ रात्री