Charitra ka Charitrchitran in Hindi Human Science by S Sinha books and stories PDF | चरित्र का चरित्रचित्रण

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चरित्र का चरित्रचित्रण

आलेख - चरित्र का चरित्रचित्रण

किसी भी शब्दकोष में चरित्र के अनेकों अर्थ मिलेंगे - विशेषता , स्वरूप , अक्षर , पात्र , कीर्ति , ख्याति ,लक्षण, अंक , व्यवहार , आचरण आदि . आमतौर पर इसे हम चाल चलन भी कहते हैं . परन्तु आजकल तो चरित्र की महत्ता सिर्फ आदमी के सेक्स पर निर्धारित होने लगी है . खास कर औरतों का चरित्र उनके शरीर के भूगोल की ओर घूमता है .


चरित्र का अर्थ मात्र यौन शुचिता नहीं है , यद्यपि यह उसका एक अंश हो सकता है . सही माने में चरित्र कुल मिला कर आदमी की आंतरिक उपलब्धियां हैं , वे गुण हैं जिनके आधार पर वह अन्य मनुष्यों से भिन्न होता है और आदमी को पशु से अलग श्रेणी में रखता है . किसी भी पुरुष या महिला के चरित्र का आकलन उसकी यौन शुचिता के आधार पर नहीं किया जा सकता है हालांकि खास कर महिलाओं को समाज में इसी आधार पर दुष्चरित्र की उपाधि सहज ही मिल जाती है . महिला की यौन शुचिता , कौमार्य , पतिव्रत धर्म उसके चरित्र का मापदंड पुरुषप्रधान समाज ने बनाया है . छोटी मोटी इस तरह की घटना या सिर्फ अफवाह के नाम पर बढ़ा चढ़ा कर उसका चरित्र हनन किया जाता है . चरित्र का मापदंड थोड़ा बहुत देश और संस्कृति के अनुसार भिन्न हो सकते हैं . फिर भी चरित्र का आकलन बहुत कुछ निम्नलिखित बातों पर आधारशिला हैं -


विश्वसनीयता - समाज का विश्वासपात्र बनें . सही काम करने का साहस होना चाहिए . आप जो कहें उसे कर कर दिखाएं . अपने कार्य और व्यवहार से समाज में प्रतिष्ठा बना कर रखें . अपने परिवार , मित्रों , समाज और देश के प्रति वफादार बनें .

ईमानदारी - आप अपने परिवार , मित्र और समाज के प्रति अपने दायित्त्वों को ईमानदारी से निभाएं .


उत्तरदायित्व बोध - परिवार , समाज और देश के प्रति हमारी कुछ जिम्मेदारियां हैं . विडंबना यह है कि हम सिर्फ अपने अधिकारों के लिए यथासंभव संघर्ष करते हैं या प्रयत्नशील होते है , पर एक नागरिक के कर्त्तव्य का समुचित पालन नहीं करते हैं . जब आप ईमानदारी से समाज के प्रति अपने अधिकारों के साथ साथ कर्त्तव्यों का अनुसरण करते हैं तो आप स्वतः देश प्रेमी भी होंगे .


सेवा और सहानुभूति होना - अपने व्यक्तिगत काम तो सभी कर लेते हैं . दूसरे जरूरतमंदों की सेवा या सहायता करना सीखें . किसी भी काम को मन लगा कर लगन से करें . कमजोर वर्ग के प्रति नफरत या घृणा की जगह सहानुभूति की भावना होनी चाहिए . इससे आपकी अन्तर्रात्मा को सुख और शांति मिलेगी .


दूसरों के प्रति आदर भाव - ज्यादार हम दूसरों से सम्मान की अपेक्षा रखते हैं . इसके लिए स्वयं पहले दूसरों का सम्मान करना होगा . दूसरों के प्रति हमारा व्यवहार अच्छा होना चाहिए . छोटा बड़ा , अमीर गरीब सब का अपना सम्मान होता है . सिर्फ अपने रसूख पर सही सम्मान नहीं मिलता है . अंग्रेजी में एक कहावत है - respect begets respect


निष्पक्षता - सिर्फ अपने या अपने परिवार के स्वार्थ की न सोचें . दूसरों की भी सुनें , सिर्फ उनसे लाभ उठाना गलत है . आँख मूंद कर दूसरों में कमी न देखें . सभी को निष्पक्ष भाव से देखें .


अच्छे नागरिक बनें - अपने शिक्षा -संस्थान , संस्था या समाज की भलाई में समुचित योगदान दें .कानून का पालन करें और अपने मताधिकार का उचित प्रयोग करें . दूसरों द्वारा दी जाने वाली सहायता के लिए आभार प्रकट करें . नियमों में होने वाले बदलाव के प्रति सचेत रहें .


आत्मसंयम - बात बात पर या छोटी मोटी घटनाओं को लेकर अपना आपा न खोएं या अपने रसूख या बल का प्रयोग न करें . छोटी मोटी गलतियों को नज़रअंदाज़ कर क्षमा करें .

केयरिंग बनें - सामाजिक कार्यों में सहयोग दें . जहाँ आवश्यकता हो स्वयंसेवी बनें . अगर आप बहुत धनी हैं तो दानशील और परोपकारी बनें .


चरित्र का अंग्रेजी शब्द कैरेक्टर ( character ) ग्रीक शब्द “ charakter “ से बना है , जिसे सिक्के पर चिन्ह अंकित करने के लिए उपयोग में लाया जाता था . बाद में यह किसी एक वस्तु को दूसरे से भिन्न दर्शाने के लिए इस्तेमाल में आया . और आगे चल कर इसे सही और गलत आचरण के विश्लेषण करने या भेद करने के संदर्भ में उपयोग किया जाने लगा .


कुल मिला कर कहा जा सकता है कि किसी व्यक्ति का चरित्र उसकी सहानुभूतिपूर्ण भावना , साहस , ईमानदारी , धैर्य , अच्छी आदतें , जिम्मेदारी जैसे गुणों का समुचित मिश्रण है और इसी से उसके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण होता है . .