मन के अल्फाज - ख्वाहिश की कविताएं। - 2 khwahishh द्वारा Poems में हिंदी पीडीएफ

Man ke alfaaz-dil ki kalam se by khwahishh in Hindi Novels
1.स्याही का दामन। मेरे लफ्जो ने स्याही का दामन थाम लिया है। अब लिखूँगी मैं अपनी किश्मत अपने ही हाथो से। लिखूँगी अपना हर ख्वाब कायम,कोई अधूरी ख्वाहिश न...