"कुछ चुप्पियाँ होती हैं, जो सब कह जाती हैं…और कुछ मुलाकातें होती हैं, जो उम्र भर साथ रह जाती हैं।"---स्थान: जयपुर — एक शाम की हल्की बारिशरेहाना खिड़की के पास बैठी थी। हाथ में कॉफी का प्याला और सामने वो डायरी, जिसमें अब आरव के शब्दों से ज्यादा उसकी मौजूदगी बस चुकी थी।बारिश की बूंदें शीशे पर गिरती रहीं, जैसे हर बूँद उसके भीतर कुछ नया जगा रही थी।आरव कुछ दिनों से शहर से बाहर था — ऑफिस के एक आर्ट प्रोजेक्ट पर। लेकिन उनकी">