नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ होने वाली घटनाएं लिखा करता था, लेकिन पिछले 5 सालों से उसने लिखना बंद कर दिया था। राज का एक 8 साल का बेटा था — अभय। अभय की मां अब इस दुनिया में नहीं थी। कुछ साल पहले उसकी मौत हो गई थी। अब वो दोनों अकेले ही घर में रहते थे। दिवाली आने वाली थी, इसलिए राज और उसका बेटा घर की सफाई कर रहे थे। राज अपने बेटे के साथ स्टोर रूम में एक पुरानी आलमारी साफ करने गया। कुछ देर सफाई करने के बाद अभय को एक धूल से भरी लाल रंग की मोटी किताब मिली, जिस पर सिर्फ “2016” लिखा था। वो किताब खुद राज ने लिखी थी।
खौफ - 1
नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ होने वाली लिखा करता था, लेकिन पिछले 5 सालों से उसने लिखना बंद कर दिया था। राज का एक 8 साल का बेटा था — अभय। अभय की मां अब इस दुनिया में नहीं थी। कुछ साल पहले उसकी मौत हो गई थी। अब वो दोनों अकेले ही घर में रहते थे।दिवाली आने वाली थी, इसलिए राज और उसका बेटा घर की सफाई कर रहे थे। राज अपने बेटे के साथ स्टोर रूम में एक पुरानी आलमारी साफ करने गया। कुछ देर ...Read More