बेइंतहा: कत्ल-ए-मोहब्बत

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शिमला की वो रात आम रातों जैसी नहीं थी। खिड़की के बाहर घना कोहरा पहाड़ों को अपनी आगोश में लिए हुए था, जैसे कोई राज़ छुपाने की कोशिश कर रहा हो। मायरा अपने आलीशान लेकिन पुराने विला के लिविंग रूम में बैठी थी। हाथ में कॉफी का मग था, जिसकी गर्माहट उसकी हथेलियों को सुकून दे रही थी, पर उसका दिल किसी अनजाने डर से कांप रहा था। मायरा एक मशहूर आर्किटेक्ट थी, जो अपने अतीत के जख्मों को भरने के लिए इस शांत शहर में आई थी। अचानक, सन्नाटे को चीरते हुए उसके मुख्य द्वार पर एक भारी दस्तक हुई।

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बेइंतहा: कत्ल-ए-मोहब्बत - 1

शिमला की वो रात आम रातों जैसी नहीं थी। खिड़की के बाहर घना कोहरा पहाड़ों को अपनी आगोश में हुए था, जैसे कोई राज़ छुपाने की कोशिश कर रहा हो। मायरा अपने आलीशान लेकिन पुराने विला के लिविंग रूम में बैठी थी। हाथ में कॉफी का मग था, जिसकी गर्माहट उसकी हथेलियों को सुकून दे रही थी, पर उसका दिल किसी अनजाने डर से कांप रहा था।मायरा एक मशहूर आर्किटेक्ट थी, जो अपने अतीत के जख्मों को भरने के लिए इस शांत शहर में आई थी। अचानक, सन्नाटे को चीरते हुए उसके मुख्य द्वार पर एक भारी दस्तक हुई।'ठक... ...Read More