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राजीव ने हल्की मुस्कान के साथ कहा,All right, Miss श्रावणी. तुम्हारी आँखों में सच...
रीना जब पहली बार ससुराल गई, तो अजब ही रस्म देखी।जुलाई की चिपचिपी गर्मी, उमस भरा...
उन्हें ड्राइंग बनाते देख दानिश कहता है बेटा , हम लोगों ने जो डेकोरेशन खराब किया...
घर के पीछेबिट्टू की वह आख़िरी फुसफुसाहट "वो आदमी हर रात आपके घर के पीछे खड़ा रहत...
प्रतीकोपासना :- संपूर्ण साधना का क्रमभाग ४ : स्वप्रतीक से चिदाकाश तकअब तक हमने प...
अक्षय धीरे- धीरे आगे बढा. फ्लैशलाइट की रोशनी उस चीज पर पडी. और दोनों के चेहरे का...
Part 4 — आर्या कौन थी?अनाया की आंखें अब भी डायरी की उस आखिरी लाइन पर टिकी थीं।“आ...
Satyanusran की प्रथम वाणीश्रीश्री ठाकुर अनुकूलचंद्र की अमर वाणी का आध्यात्मिक वि...
सुबह की पहली धुंध जब खिड़की के शीशों पर जमी, तो राघवन ने उसे एक धुंधले धुएं की त...
‘‘अबे! कहा न, घुटने को देख। घुटना कहीं का! सिर उठाया, तो मुर्गा बना दूूंगा।’’ मे...
हर कहानी की एक शुरुआत होती है। लेकिन कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं, जिन्हें इंसान नहीं — किस्मत खुद लिखती है। कुछ रिश्ते यूँ ही नहीं बनते। कुछ मुलाकातें संयोग नहीं होतीं। और कुछ जु...
अनंत के उस पार पति की रहस्यमयी मृत्यु के बाद मीरा नीलगढ़ लौटती है, लेकिन वहाँ उसे बदलती तस्वीरें, रहस्यमयी डायरी और ऐसे संकेत मिलते हैं जो उसकी पूरी पहचान पर सवाल खड़े कर देते ह...
चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...
कोलकाता: गुनाह का काला जश्न कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के बाहर महंगी गाड़ियों का काफिला लगा था, और अंदर—शहर की चकाचौंध अ...
यह कहानी पूरी तरह से मेरी अपनी कल्पना पर आधारित है। कई बार ऐसी घटनाएं हमारे समाज में घटती रहती हैं, यह उसका एक अक्स मात्र हो सकता है। मेरी दो हिट उपन्यासों 'द मिस्ट्री ऑफ स्केल...
जिंदगी के पार जिंदगी कहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है एक पजल की तरह जिंदगी की हर मोड़ हर रास्ता है जिसे सुलझाना आसान नहीं और जिंदगी की कहानी एक पजल है...
कहते हैं कि अंधी आँखें दुनिया का कोई रंग नहीं देख सकतीं। न उजाला, न कफ़न का सफेद रंग और न ही हाथों पर लगा खून का लाल धब्बा। लेकिन क्या वाकई रोशनी के चले जाने से सच भी अंधा हो जाता...
रात और दिन... दोनों का इस कमरे में कोई अस्तित्व नहीं था। छोटे से, जर्जर अपार्टमेंट के एक कमरे की हर दीवार किसी पागल इंसान के दिमाग की तरह दिखाई दे रही थी। दीवारों पर सैकड़ों तस्...
सुबह का वक्त, 'हेवेन डेल' इंटरनेशनल स्कूल का कॉरिडोर। लॉकर रूम और कॉरिडोर बच्चों की भीड़ से भरा हुआ है। तभी एक तरफ से लारा और सोफिया अपने सादे कपड़ों में, किताबों का ढेर थ...
बेगूसराय का वो काला दिनस्थान: गर्ल्स इंटर स्कूल एंड कॉलेज, मोहनपुरा (बेगूसराय, उत्तर प्रदेश)समय: शाम के 4:00 बजेसीन 1: सुनसान रास्ता और वो खामोशीमोहनपुरा की सड़क पर सन्नाटा पसरा था...
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