ऐसे ही क्यों होता हैं?

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एक दिन मैं लिख रहा था कि 'मोहब्बत सभी को मिलती है', तभी अचानक मेरी कलम की नोक (निब) टूट गई। वह मुझसे कहने लगी— "तुम अभी नादान हो। जितनी मोहब्बत सुनने में अच्छी लगती है, हकीकत में वैसी नहीं होती। अगर मोहब्बत की सच्चाई देखनी है, तो एक बार आशिकों की उस भीड़ में बैठकर देखना जहाँ जवान बेटे कफ़न में लिपटे होते हैं और उनके बूढ़े माँ-बाप आँखों में आँसू लिए उन्हें कंधा दे रहे होते हैं।"

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ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1

लेखक: एसटीडी मौर्य️,कटनी मध्य प्रदेशमोबाइल नंबर -7648959825​एक दिन मैं लिख रहा था कि 'मोहब्बत सभी को मिलती है', तभी मेरी कलम की नोक (निब) टूट गई। वह मुझसे कहने लगी— तुम अभी नादान हो। जितनी मोहब्बत सुनने में अच्छी लगती है, हकीकत में वैसी नहीं होती। अगर मोहब्बत की सच्चाई देखनी है, तो एक बार आशिकों की उस भीड़ में बैठकर देखना जहाँ जवान बेटे कफ़न में लिपटे होते हैं और उनके बूढ़े माँ-बाप आँखों में आँसू लिए उन्हें कंधा दे रहे होते हैं। ​आजकल लोग सिर्फ पैसे और शक्ल से मोहब्बत करते हैं। अगर तुम ईमानदारी दिखाओगे, तो शायद ...Read More