बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त

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ट्रैक साँस रोके हुए था। सुपरकार वर्ल्ड चैंपियनशिप की आख़िरी रेस—जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। एरीना में मौजूद हज़ारों लोग और अपनी टीवी स्क्रीनों से चिपके करोड़ों दर्शक मन ही मन एक काउंटडाउन कर रहे थे। पिट क्रू दस्ताने कस रहे थे। विज्ञापनों से सजी, चमचमाती, बड़े पहियों वाली रेसकार गाड़ियाँ—जिनके शक्तिशाली इंजन घरघराहट के साथ आग उगलने को तैयार थे। स्टार्ट लाइट्स जल चुकी थीं, पर हरी होने से पहले का वह एक सेकंड—फ्लैग पोस्ट लिए लड़के, चीयर गर्ल्स, दर्शक—सब शांत। सबकी साँसें थम-सी गई थीं।

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बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 1: ऊँचाई

ट्रैक साँस रोके हुए था। सुपरकार वर्ल्ड चैंपियनशिप की आख़िरी रेस—जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। एरीना मौजूद हज़ारों लोग और अपनी टीवी स्क्रीनों से चिपके करोड़ों दर्शक मन ही मन एक काउंटडाउन कर रहे थे। पिट क्रू दस्ताने कस रहे थे। विज्ञापनों से सजी, चमचमाती, बड़े पहियों वाली रेसकार गाड़ियाँ—जिनके शक्तिशाली इंजन घरघराहट के साथ आग उगलने को तैयार थे। स्टार्ट लाइट्स जल चुकी थीं, पर हरी होने से पहले का वह एक सेकंड—फ्लैग पोस्ट लिए लड़के, चीयर गर्ल्स, दर्शक—सब शांत। सबकी साँसें थम-सी गई थीं। टीम इनसैनिटी के चैंपियन रेसर नील वरदराजन ने हेलमेट के ...Read More

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बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 2: डेथ ब्रिज

रेस से दो हफ्ते बाद नील एक इमारत के सबसे ऊपरी माले पर, छज्जे के किनारे पर खड़ा था। शहर फैला था—लाइटों का जाल, कारों की रेंगती हुई रेखाएँ, और बीच-बीच में हवा का सन्नाटा। उसकी आँखों में आँसू थे, चेहरा पसीने से भरा। बाल बिखरे हुए। कोट एक ओर फेंका पड़ा था। टाई ढीली। एक पैर किनारे से आगे निकला हुआ—जैसे शरीर अब दिमाग़ से आगे निकल गया हो। उसने नीचे देखा। और फिर— – दो घंटे पहले पार्टी रोशनी और शोर से भरी थी। ग्लास टकरा रहे थे। कैमरे घूम रहे थे। संगीत इतना ऊँचा कि बातचीत ...Read More