शहर की रफ़्तार थम चुकी थी, लेकिन आसमान अपनी पूरी ताकत से गरज रहा था। रात के 11 बज रहे थे। ऐशा अपने भारी बैग को कंधे पर टांगे, कॉलेज की एक्स्ट्रा क्लास खत्म कर घर की ओर तेज़ कदमों से बढ़ रही थी। बारिश इतनी तेज़ थी कि छाता भी जवाब दे रहा था। उसके चेहरे पर पड़ती ठंडी बूंदें उसे बार-बार याद दिला रही थीं कि उसे आज देर नहीं करनी चाहिए थी। वह जिस शॉर्टकट गली से गुज़र रही थी, वह दिन में भी डरावनी लगती थी और इस तूफानी रात में तो वह किसी कब्रगाह जैसी खामोश थी। अचानक, गली के नुक्कड़ पर लगी पीली स्ट्रीट लाइट टिमटिमा कर बुझ गई। ऐशा के कदम ठिठक गए। उसे महसूस हुआ कि सन्नाटे में उसके अपने जूतों की आवाज़ के अलावा भी कुछ है... एक और धड़कन, एक और सांस। उसने पीछे मुड़कर देखा। कुछ नहीं था, सिर्फ अँधेरा।
The Mafia Weakness - 1
शहर की रफ़्तार थम चुकी थी, लेकिन आसमान अपनी पूरी ताकत से गरज रहा था। रात के 11 बज थे। ऐशा अपने भारी बैग को कंधे पर टांगे, कॉलेज की एक्स्ट्रा क्लास खत्म कर घर की ओर तेज़ कदमों से बढ़ रही थी। बारिश इतनी तेज़ थी कि छाता भी जवाब दे रहा था। उसके चेहरे पर पड़ती ठंडी बूंदें उसे बार-बार याद दिला रही थीं कि उसे आज देर नहीं करनी चाहिए थी।वह जिस शॉर्टकट गली से गुज़र रही थी, वह दिन में भी डरावनी लगती थी और इस तूफानी रात में तो वह किसी कब्रगाह जैसी खामोश ...Read More
The Mafia Weakness - 2
सुबह की पहली किरण ने अभी आसमान को छुआ भी नहीं था, लेकिन ऐशा की आँखों में नींद का कतरा भी नहीं था। वह कमरे के सबसे ठंडे और अंधेरे कोने में फर्श पर बैठी थी, अपने घुटनों को सीने से चिपकाए हुए। कल रात की बारिश की गूँज और अर्मान खान की वह बर्फीली आवाज़ उसके कानों में अभी भी हथौड़े की तरह बज रही थी।उसने अपने कांपते हाथों को देखा। वह अब उस दुनिया का हिस्सा थी जहाँ कानून अर्मान की उंगलियों के इशारों पर नाचता था।वह धीरे से उठी और कमरे के बीचो-बीच बिछे आलीशान ईरानी ...Read More