उत्तरी साम्राज्य की वे बर्फीली हवाएँ उस रात साधारण नहीं थीं। उनमें एक ऐसी कड़वाहट थी, जैसे वे पहाड़ियों की गहराइयों में दबे किसी प्राचीन अभिशाप को सोखकर आई हों। हवा का हर झोंका इज़ोल्ड की त्वचा पर किसी ठंडी आरी की तरह चल रहा था। सराय की पुरानी लकड़ी की खिड़की जब हवा के दबाव से चरमराई, तो इज़ोल्ड को लगा जैसे कोई रूह कराह रही हो।
शापित प्रेम की छाया - 1
शीर्षक: शापित प्रेम की छाया हुक: "उसकी मौत, मेरी अपनी मौत है।" सारांश: इज़ोल्ड एक ऐसी शापित हकीकत में जागती है जहाँ दिल सम्राट कैसियन की धड़कनों का गुलाम है। 'शापित छाया' के जादू ने एक उत्तरजीवी और एक हत्यारे को अटूट बंधन में बाँध दिया है। प्रतिशोध की आग और जीवित रहने की मजबूरी के बीच फँसी इज़ोल्ड को अपने मृत भाई की रहस्यमयी आवाज़ों का सामना करना होगा। क्या वह अपनी आत्मा को बचा पाएगी, या उस दुश्मन के प्यार में गिर जाएगी जिसने उसका सब कुछ छीन लिया? ...Read More
शापित प्रेम की छाया - 2
आदरणीय संपादक महोदय, यह 'शापित प्रेम की छाया' का अगला भाग है। इसमें अध्याय 2 से लेकर 25 तक पूरी कहानी है।"अध्याय 2: जादुई भूलभुलैया और परछाइयों का पहरा (भाग-1)महल के भीतर की हवा बाहर की बर्फीली आंधी से भी अधिक भारी और दमघोंटू थी। यहाँ की दीवारों पर लगी मशालों की रोशनी सामान्य पीली नहीं थी, बल्कि उनमें एक गहरा नीलापन था, जो इस बात का संकेत था कि महल की सुरक्षा में 'आत्मा-ऊर्जा' (Soul Energy) का इस्तेमाल किया गया है। इज़ोल्ड ने महसूस किया कि जैसे ही उसने महल की दहलीज लांघी, उसके शरीर की जादुई ऊर्जा ...Read More