नम आँखे

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मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। मम्मी ये बक्शा कुछ खास यादो से भरा हुआ है। देख बेटा ये साड़ी मेरी गोद भराई की है , जब तुम्हारे पापा से रिश्ता हुआ था। ये साड़ी तेरे नाना ने मुझे शादी पर पसन्द का कपड़ा दिलाया था।  'ये लहंगा इसे मैं देखती हूँ , तो लगता है। मैं दुल्हन बन गयी हूँ ।

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नम आँखे - 1

मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। मम्मी ये बक्शा कुछ खास यादो से भरा हुआ है। देख बेटा ये साड़ी मेरी गोद भराई की है , जब तुम्हारे पापा से रिश्ता हुआ था। ये साड़ी तेरे नाना ने मुझे शादी पर पसन्द का कपड़ा दिलाया था। 'ये लहंगा इसे मैं देखती हूँ , तो लगता है। मैं दुल्हन बन गयी हूँ । जैसे - तेरे पापा और ...Read More

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नम आँखे - 2

नम आँखे पार्ट- २अभिनव की माँ हसते हुए। लड़की कोई पसन्द हो। तो मुझे बता मै तेरी शादी तेरी पसन्द से करा दूंगी।अभिनव नही माँ ऐसा कुछ भी नहीं है। सुशीला ये लो कैसा बेटा है मां से शर्माता है। अभिनव माँ कुछ हो तो बताऊ न जब ऐसा है ही नही तो। अच्छा नाराज मत हो बस बाते करते - करते कब आँख लग जाती है। सुबह का अलार्म बजते ही दोनो की दिनचर्या की भागदौड़ शुरू हो जाती है। देखते ...Read More