सौतेली माँ का साया (भाग 1)

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भाग 1: अनचाही आहट"सौतेली माँ कभी किसी की अपनी नहीं हो सकती, रोहन... वो सिर्फ तुम्हारे पापा के पैसे और इस घर पर कब्ज़ा करने आई है!"पड़ोस वाली चाची के ये शब्द नौ साल के रोहन के दिमाग में किसी जहरीले तीर की तरह बिंध गए थे।अपनी सगी माँ को खोए रोहन को अभी एक साल ही बीता था। उस खालीपन ने उसके मासूम दिल को एक सख्त पत्थर बना दिया था। जब पिता राकेश ने अपनी तन्हाई और रोहन के अकेलेपन को दूर करने के लिए सुनीता से शादी की, तो रोहन ने अपने चारों तरफ नफरत और डर