अधूरापन - 21

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अध्याय-२१अमृता के सकारात्मक रवैये, सभी की प्रार्थनाओं और उसके किए गए कर्मों के फलस्वरूप वह अपने घर वापस आ चुकी थी। घर में शोभाबहन समेत परिवार के सभी सदस्यों ने बहुत ही प्रेम से उसका स्वागत किया। भार्गवी को इस बात का रंज था कि, अब जब तक भाभी दोबारा पहले की तरह पूरी तरह सक्षम नहीं हो जातीं, तब तक बच्चे को गोद लेने की बात को तो टालना ही पड़ेगा। फिर भी अब घर का माहौल बहुत खुशनुमा रहता था, इसलिए वह भाभी के लिए बहुत खुश थी।धीरे-धीरे दिन बीतने लगे। गायत्री बहन थोड़े-थोड़े दिनों में अमृता भाभी