कुछ ही देर बाद, संयोगिता के अपार्टमेंट की घंटी बजी।संयोगिता ने गहरी सांस ली और दरवाजा खोला। विराट बाहर खड़ा था। उसने एक साधारण पैंट शर्ट पहना था, जो उसे थका हुआ लेकिन गंभीर दिखा रहा था। उसके हाथ में कोई फाइल या काम का सामान नहीं था, सिर्फ वह खुद था।संयोगिता ने उसे अंदर आने का इशारा किया।संयोगिता बोली- आइए मिस्टर विराट। विवान सो रहा है, इसलिए कृपया धीमे बोलें।विराट अंदर आया। उसकी नजरें सीधे संयोगिता पर थीं। कमरे की हल्की रोशनी में संयोगिता बहुत शांत लग रही थी, लेकिन उसकी आँखों में एक सतर्कता थी जिसे विराट पहले शायद