काश कुछ ऐसा हो जाए… जो दिल को चाहिए, वही मिल जाए। कितनी खुशी होगी ना, कुछ पलों के लिए… पर ये दिल कहाँ ठहरता है एक पल के लिए। ऐसा लगता है कि जो है उसमें कुछ अधूरा है। जो मिल जाए, तो उसके न मिलने की तड़प के बाद उसका मिलना भी उतना सुकून नहीं दे पाता। कभी समझ नहीं आता, वो शख्स क्यों नहीं है पास, जिसके साथ बैठकर बातें ज़्यादा होती हैं और वक्त के थमने का मन करता है, और किसी के साथ एक-एक पल भी ज़्यादा लगने लगता है। सही कहा है—जगह नहीं, खूबसूरती