मेरे पास माँ है - 4 - आधी रात का स्टेशन

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मेरे पास माँ हैEpisode 4 — आधी रात का स्टेशन[SFX: रात का सन्नाटा… दूर ट्रेन की सीटी… हवा की तेज़ आवाज़]Narrator:रात के ठीक बारह बज चुके थे।पूरा रेलवे स्टेशन लगभग सुनसान था।कुछ बुझती हुई लाइटें…पटरियों पर पसरा अंधेरा…और दूर से आती ट्रेन की आवाज़।लेकिन उस अंधेरे में अकेला खड़ा था—आरव।उसके हाथ में वही पुरानी लाल गुड़िया थी।और जेब में वह कागज़…जिस पर लिखा था—“अपनी बहन को जिंदा देखना चाहते हो… तो रात 12 बजे पुराने रेलवे स्टेशन पर अकेले आना।”आरव ने चारों तरफ देखा।आरव:अनाया…मैं आ गया हूँ।लेकिन कोई जवाब नहीं आया।अचानक…[SFX: पायल की हल्की आवाज़]छन… छन…आरव ने पीछे मुड़कर देखा।एक