एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर - 6

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सुबह की पहली धुंध जब खिड़की के शीशों पर जमी, तो राघवन ने उसे एक धुंधले धुएं की तरह देखा, जो उसकी अपनी जिंदगी की हकीकत थी। पिछले रात के उस फोन कॉल और उस अजीब सी खामोशी के बाद, जो शालिनी और उसके बीच में एक दीवार बनकर खड़ी थी, राघवन ने अपने वजूद का एक बड़ा हिस्सा खो दिया था। वह अब उस 'मैनेजमेंट वाली शादी' का हिस्सा था, जहाँ प्यार की जगह सिर्फ एक ठंडी, पेशेवर समझदारी ने ले ली थी। आधुनिक महानगर की यही त्रासदी है—हम यहाँ बड़ी-बड़ी कंपनियों के प्रोजेक्ट्स तो मैनेज कर लेते हैं,