भूल गया नाम

85 वर्षीय मनोहर आज अजीब पशोपेश में थे। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि उनका नाम क्या है? वह अपना नाम जो भूल गए थे।इसके पहले भी वे हालांकि चश्मा, घड़ी, पेन और न जाने क्या-क्या भूल चुके थे, लेकिन वे थोड़े-से प्रयास से या थोड़ी देर बाद मिल गये थे।  पर, नाम को भूल जाना उन्हें अचंभित कर रहा था।असल में वे तीन माह से अपने बेटी-दामाद के पास बैंगलोर में रह रहे थे।  उन्हें वहां अपने नाम की कोई जरूरत महसूस नहीं हुई और न किसी ने उन्हें उनके नाम से पुकारा।जबकि गांव में उन्हें उनके