खेल के पार

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                 मेरे मन में उस डर का बीज शायद तभी रोपा गया था, जब पिछले दिनों पापा मेरे ग्यारहवें जन्मदिन पर मेरे लिए ‘क्लूडो’ नाम का एक खेल उपहारस्वरूप लाए थे।                  खेल के साथ एक कहानी जुड़ी थी— छह कमरोः वाले एक घर के मालिक ने छह अतिथियों को रात्रिभोज के लिए घर पर बुलाया और भोज के बाद उस की हत्या हो गई। खिलाड़ियों को बंटे पत्तों के सहारे तीन इकाइयां बूझनीं होतीं—हत्यारा, हथियार और घटनास्थल।