सपनों का बाज़ार, आरक्षण

(61)
  • 2.5k
  • 1
  • 817

सपनों का बाज़ार और आत्म-विस्मृति: कोचिंग से गुरु तक, मौलिकता की हत्या का धंधा   लेखक/शोधकर्ता: अज्ञात अज्ञानी (Agyat Agyani)     विषय: आधुनिक शिक्षा का व्यवसायीकरण, गुरु-संस्कृति का छलावा और वेदांत 2.0 का निज-बोध मार्ग     "वेदांत 2.0 कोई टिप्स, कृपा, ट्रिक या पारंपरिक शिक्षा नहीं है; यह आपके भीतर मौजूद बीज से वृक्ष बनने की एक समझ से दृष्टि विकसित करना है—फिर कर्ता नहीं, सब स्वतः होता है, जैसे संपूर्ण ब्रह्मांड में सब कुछ अपने आप हो रहा है।" प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश समकालीन मानव समाज एक अत्य