एक तरफ मम्मी- पापा और मायरा आपस में प्यार से बातें कर रहे थे, तो वहीं दूसरी तरफ खडा रोहन लगातार आदित्य को घूर रहा था. उसकी आँखें आदित्य के चेहरे पर टिकी थीं. रोहन का इस तरह देखना आदित्य को बहुत अजीब लग रहा था, उसके दिल में एक घबराहट सी होने लगी थी.रोहन की उस अजीब नजर से बचने के लिए आदित्य तुरंत बात संभालते हुए कहता है, अंकल- आंटी, आप लोग मायरा से बात करिए, मैं जरा डॉक्टर से पूछकर आता हूँ कि वो इसे डिस्चार्ज कब करेंगे।जैसे ही आदित्य जाने के लिए मुडता है, तभी रोहन