सजा.....बिना कसूर की - 9

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  ....आकाश की फोन की घंटी बजती है पर आकाश ध्यान नहीं देता। वह अपने सुनहरे पलों को यु बर्बाद नही करना चाहता था।पर .. मोबाइल की रिंग भी बहुत जिद्दी थी लगातार बजे जा रही थी । आकाश के रोमांस में दखल पड़ रहा था और भूमि को भी अच्छा नहीं लग रहा था।आखिरकार भूमि बोली--देख लीजिए शायद किसी को जरूरी काम हो !आकाश थोड़ा झुंझलाते हुए बोला-अरे यार यह कौन है जिसको  समझ नहीं आता कि आज मेरी गोल्डन नाइट है।भाभी ने तो 'do not disturb 'की key chain भी लगा रखी थी दरवाजे पर ;;मैं हीं बेवकूफ