अपनी ज़िंदगी की तुलना करना छोड़ दीजिएजिस दिन आप तुलना करना छोड़ देते हैं, उसी दिन सचमुच जीना शुरू कर देते हैं।आज की शुरुआत किसी बड़ी घटना से नहीं हुई।बस यूँ ही सोशल मीडिया देख रहा था…कुछ तस्वीरें…कुछ लोगों की नई उपलब्धियाँ…और अचानक मुझे लगा जैसे मेरी अपनी ज़िंदगी थोड़ी कम है।कोई मुझसे आगे निकल चुका था।कोई नई सफलता का जश्न मना रहा था।किसी की ज़िंदगी मुझसे ज़्यादा आसान और खूबसूरत दिखाई दे रही थी।और बिना जाने-समझे, मैंने अपनी तुलना उनसे करनी शुरू कर दी।अपने सफ़र की…अपनी रफ़्तार की…अपनी उपलब्धियों की…कुछ पल के लिए सचमुच ऐसा लगा जैसे मैं पीछे