वो लड़की जो कभी नहीं हारीअध्याय 10 — पहली जीत, पहली परीक्षासुबह की धूप आज कुछ अलग थी।रुहिका ने जैसे ही मोबाइल खोला, स्क्रीन पर एक संदेश चमक रहा था—"बधाई! आपकी कहानी इस महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना चुनी गई है।"कुछ पल तक उसे विश्वास ही नहीं हुआ।उसने संदेश दोबारा पढ़ा।फिर तीसरी बार।उसकी आँखों में आँसू आ गए। यह आँसू जीत के थे। उसने सबसे पहले नानी की डायरी उठाई और उसे अपने माथे से लगाया।"नानी… आज आपकी कलम मुस्कुरा रही होगी," उसने धीमे से कहा।माँ रसोई से बाहर आईं।"क्या हुआ, बेटी?"रुहिका ने काँपते हाथों से मोबाइल माँ की ओर बढ़ा