राहें - 8

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नमक हरामसंध्या का समय, झीने धुंधलके के कारण वातावरण धूमिल था। देखते ही देखते सड़क पर तीव्र गति से आता ट्रक दाई ओर एक पेड़ से टकराकर गिर गया, एक चीख वातावरण में गुंज गई। बाई ओर की खिड़की से ट्रक मालिक राधे सड़क पर कूद पड़ा और सहयात्री दाई ओर से जोर से चिल्लाया, ,- मुझे बचाओ, निकालो मुझे, मुझे बचा ले राधे, मेरी बेटी की सुबह बारात आने वाली है, कल शादी है उसकी।  राधे के होठों पर घबराहट न आकर एक कुटिल मुस्कान आ गई, वह अपने चिल्लाते मित्र की ओर घूरे जा रहा था उसकी तीक्षण बुद्वि