ऊंची छलांग

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                   जब एक बड़े शहर के जाने- माने अस्पताल में मेरी नियुक्ति हुई तो मैं फूली न समायी।                  ख्याति- प्राप्त डा.मिश्रा हमारे मनोविकृति-विज्ञान विभाग के अध्यक्ष थे। देश- विदेश की कई महत्वपूर्ण चिकित्सा- पत्रिकाओं तथा संस्थाओं से वह सम्बद्ध थे और उनके सम्पर्क मेरी पुस्तक ‘सोशल क्लांबिंग’ अथवा ‘सामाजिक आरोहण’ की सामग्री एकत्रित करने में मेरी सहायता की अच्छी संभावना रखते थे।                 परंतु उस अस्पताल में जब मेरी भेंट शशि दी से एक रोगिणी के रूप